Talented View: मुस्लिमों का असली दुश्मन कौन? वहीं तय करें

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कोरोना से जूझ रहे भारत में खतरे की घंटी बज चुकी है। देश को एक तरफ कोरोना जैसे गम्भीर संकट से जूझना पड़ रहा है तो दूसरी तरफ एक बड़ा वर्ग अब भी कोरोना को मज़ाक ही समझ रहा है। 21 दिन के लोकडाउन में शुरुवात में जहां स्थितियां कुछ बेहतर हुई थी वहीं अब लग रहा है हम जहां से चले थे फिर वहीं पहुंच गए है। तब्लीगी जमात(Tablighi Jamaat Case} के मरकज़ ने पूरे देश को कोरोना के साथ ही गृहयुद्ध के हालातों में भी झोंक दिया है।

Talented View: ज़िद्दी लोगों का भी कुछ इलाज हो… नहीं तो हिंदुस्तान तबाह हो जाएगा

दिल्ली के मरकज़(Tablighi Jamaat Case) से क्वारण्टाइन में डाले गए लौग भी डॉक्टरों के साथ सहयोग नही कर रहे है। इन्हें खाना और दवाई देने वालों पर ये लौग हिंसक हो रहे है और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है। इसके अलावा
देश के अलग-अलग शहरो से भी खबरें आ रही है कि वर्गविशेष के मोहल्लों में पैरामेडिकल स्टाफ और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है। कल इंदौर से सामने आए वीडियो ने सबसे ज्यादा परेशान किया।

यहाँ कोरोना संदिग्धों की जांच करने पहुँचे मेडिकल स्टाफ को स्थानीय लोगों ने दौड़ा दिया। वीडियो देखकर साफ दिखाई देता है कि अगर पैरामेडिकल स्टाफ वहां से भागकर न निकलता तो उनकी जान बचना मुश्किल थी। अपनी जान पर खेलकर कोरोना मरीज़ों का इलाज कर रहे मेडिकल स्टाफ के साथ ऐसा व्यवहार चिंता में डालने वाला है। देश मे कोरोना के मरीजों में एकाएक तेज़ी आयी है और ये सच है कि इसके पीछे तब्लीगी जमात का ही हाथ है।

इनके जलसे में शामिल होने वाले लौग जानबूझकर सामने नही आ रहे है जिससे उन्हें ढूंढना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि कोरोना के नये मरीजों में ज्यादातर एक वर्ग विशेष के ही है लेकिन बाकियों द्वारा इनका कोई विरोध नही किया जा रहा है। कनिका कपूर जब कोरोना पोसिटिव पायी गयी थी तब किसी ने इसलिए उनका समर्थन नही किया की वो हिन्दू है। बल्कि कनिका कपूर को सबसे ज्यादा कोसा ही हिंदुओं ने। लेकिन तब्लीगी जमात को कोसने में उनके ही लौग बहुत पीछे है। इस आपराधिक कृत्य पर एक शातिराना चुप्पी ओढ़ ली गयी है।

और ऐसा दिखाया जा रहा है मानो मेनस्ट्रीम मीडिया और सोशल मीडिया इस मामले को हिन्दू-मुस्लिम कर रहा है। लेकिन इस मामले को हिन्दू-मुस्लिम करने वाले असल में वो लौग है जो तब्लीगी(Tablighi Jamaat Case) के शैतानी कारनामे पर चुप्पी साधे हुए है। इनकी चुप्पी से ही पुलिस और डॉक्टरों पर हमले होतें है और देश कोरोना की इस जंग में कमजोर होता चला जाता है। इस मामले पर पड़ताल करने पर पता चला कि एक मैसेज वर्ग विशेष में फैलाया जा रहा है जिसमे ये कहा गया है कि पुलिस और डॉक्टर उनके लोगों को जानबूझकर क्वारण्टाइन में ले जा रहे है। वहां उन्हें जहर दे दिया जाएगा। ये मेसेज हमारे पास भी है लेकिन एक जिम्मेदार मीडिया हाउस होने के नाते हम ये आपको नही दिखा रहे है।

Talented View: संक्रमण फैलाने वाले कौन? देशभक्त या देशद्रोही…?

देश के सभी नागरिकों को समझना चाहिए कि इन अफवाहों पर ध्यान देकर वो अपना और देश का बहुत बड़ा नुकसान कर रहे है। ये वक्त देश के साथ दृढ़ता के साथ खड़े होने का है। हम अगर साथ मिलकर लड़ेंगे तो निश्चित ही कोरोना से जानवर हम जीत लेंगे। फिलहाल भावनाओ पर काबू रखें और ऐसी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दें।

-Sachin Pauranik

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