Talented View: जमात के लोग ही हैं मुसलमानों के असली दुश्मन

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देशभर में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के पीछे तब्लीगी जमात के जमातियों का सीधा कनेक्शन सामने आ रहा है। तमिलनाडु में कुल कोरोना मामलों के 90% तब्लीग से जुड़े लौग है। देश मे कोरोना मरीजों की संख्या ‘बूस्ट’ करने में तबलीग का हाथ सामने दिखाई दे रहा है। लेकिन इतना होते हुए भी तबलीग से जुड़े मौलाना-मौलवी इसका विरोध करने में कतरा रहे है(Islamic Terrorism)
आलोचना करने की जगह इस कुकृत्य के समर्थन में कुतर्क ढूंढे जा रहे है। न्यूज़ चेनलो की डिबेट में बैठा हर तबलीग समर्थक ऐसे ऐसे कुतर्क देता है जिन्हें सुनकर सिर्फ माथा ही पकड़ा जा सकता है। तबलीग ने जो बर्बादी फैलाई सो फैलाई ही, लेकिन इसके दुष्परिणाम भी अब सामने आने लगे है। तब्लीगीयो से प्रेरणा लेकर एक वर्ग विशेष भी इसी तरह की हरकतें करने लगा है।
जहां भी कहीं वर्ग विशेष के लौगो को क्वारण्टाइन किया जा रहा है वहां स्थानीय निवासी और होटल वाले इनकी हरकतों से त्रस्त हो चुके है। क्वारण्टाइन के लिए प्रशासन द्वारा अधिग्रहण की गई आलीशान होटलों में रहने की जिनकी हैसियत नही थी वो भी अब बीमारी के नाम पर मज़े उड़ा रहे हैं। जिनके घर मे उबले हुए चावल भी नही होते है उन्हें यहां खाने में रोज़ बिरयानी और पनीर टिक्का चाहिए।
इनकी एय्याशी के किस्से सुनकर लौग चाहने लगे है कि उन्हें भी किसी अच्छी होटल में क्वारण्टाइन कर दिया जाये। लेकिन दुख की बात ये है कि सज़ा के नाम पर मज़ा काट रहे इन लौगो की हरकतें सुधरने का नाम नही ले रही है। अस्पताल, होटल जहां भी इन्हें अलग किया गया है ये क्वारण्टाइन का कोई नियम नही मान रहे है। ये झुंड बनाकर रह रहे है और साथ ही नमाज़ भी पढ़ रहे है। आयकर दाताओं के पैसे से इन्हे सरकारी अय्याशी कराई जा रही है और ये अपने जहिलपन से एक कदम भी पीछे हटने को तैयार नही हो रहे है।
कोरोना का लॉकडाउन अगर आगे बढ़ता है, जिसकी पूरी उम्मीद है तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ तबलीग जमात और उनकी सोच का समर्थन करने वालो की होगी। भारत मे कोरोना आया भले विदेश से हो लेकिन इसे देशभर में फैलाने का कुकर्म जमातियों द्वारा ही किया गया है। अभी इंदौर में एक कोरोना पोसिटिव की मौत हुई। उसके परिजनों ने अस्पताल में पता गलत लिखवाया और लॉकडाउन की धज्जियां उड़ाते हुए उसका शव रतलाम लाकर दफना दिया। उसके ज़नाज़े में भी सेकड़ो लौग शामिल हुए और अब प्रशासन उन्हें ढूंढने में लगा हुआ है(Islamic Terrorism)
ऐसी हरकतों के पीछे इनका अज्ञान है, साजिश है या जाहिलपन है इसका ठीक जवाब किसी के पास नही है। लेकिन इन जमातियों की कारगुजारियों की सजा सिर्फ वो मुसलमान भुगतेगा जिसका इनसे कोई लेनादेना नही है। हालात ऐसे हो गए है कि कोई इनसे किसी प्रकार का व्यावसायिक सम्बन्ध नही रखना चाह रहा है। देश की एकता के लिए ये खतरे की घंटी है। लेकिन इसके पीछे सबसे बड़े गुनहगार भी जाहिल जमात वाले ही है। कोरोना का इलाज तो देश आज नही तो कल ढूंढ ही लेगा लेकिन इस जहिलपन का इलाज कैसे होगा ये सबसे बड़ी चुनौती भारत के लिए आने वाले वक्त में रहने वाली है।
-Sachin Pauranik
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