Talented View : देश की गिरती सोच…

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कई साल पहले कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी का एक महिला के साथ अश्लील वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद दिग्विजयसिंह का भी कुछ इसी तरह का एक वीडियो वायरल हुआ था। तब भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को जमकर कोसा था। भाजपा नेताओं ने सोशल मिडिया से लेकर हर सार्वजनिक मंच पर कांग्रेस के इन गुलछर्रों का मज़ाक बनाया था, लेकिन कहते है न कि वक्त किसी का सगा नही होता है। तब कांग्रेस के खुलकर मज़े लेने वाले भाजपा नेताओं को अब ठीक उन्ही हालातों का सामना करना पड़ रहा है।

मध्यप्रदेश भाजपा के वयोवृद्ध नेता प्रदीप जोशी (BJP Leader Pradeep Joshi) का एक 17 साल के लड़के के साथ अश्लील वीडियो सामने आया। उसके बाद अब हिमाचल से भी एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिससे भाजपा नेता शर्म से पानी-पानी हो रहे है। भाजपा महिला मोर्चा की नेत्री रीना ठाकुर (BJP Lady Leader Reena Thakur) और युवा मोर्चा के युवा नेता उपेन पंडित (BJP leader Upen Pandit) वायरल वीडियो में बाथरूम में साथ नहाते नज़र आ रहे है। हालांकि साफ नजर आ रहा है कि जो भी हुआ दोनो की सहमति से हुआ, लेकिन तब भी भाजपा ने इन दोनों को तुरन्त पार्टी से बाहर कर दिया है।

Talented View : सदन में महिला का अपमान, क्या यही है नया हिन्दुस्तान ?

सार्वजनिक जीवन मे होने का ये सबसे बड़ा नुकसान है कि आपका ‘व्यक्तिगत’ कुछ भी शेष नही रह जाता है। कुछ दिन पहले एक निजी बैंक में भी एक महिला का अपने सहकर्मी के साथ आपत्तिजनक वीडियो सामने आया था। उन दोनों को भी बैंक ने बाहर कर दिया लेकिन मामला आपसी चर्चा से ज्यादा आगे नही पहुंच पाया। ऐसे हर शहर-मोहल्ले में कितने ही वीडियो वायरल होतें है जो आपसी सहमति से बनाये गए होतें है और सोशल मीडिया तक पहुंच जातें है। हालांकि अभिषेक सिंघवी और दिग्विजयसिंह के वीडियो भी सहमति से बनाये नज़र आ रहे थे, लेकिन लगता है अभी हमारा दिमाग इतना परिपक्व नही हुआ है कि हम इस तरह के वीडियो को सामान्य तौर पर ले सकें।

Talented View : मध्यप्रदेश में शेर को मिला सवा शेर

पार्टियों का भी ऐसे मामलों में दोहरा रवैया होता है। भाजपा ने हिमाचल के युवा नेता को जहां भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखाने में जरा देर नही की वहीं संघ के कार्यकर्ता रहे प्रदीप जोशी के मामले में पहले कहा गया कि वीडियो से छेड़छाड़ की गई है। जबकि वीडियो में जोशी के साथ दिखाई दे रहे लड़के की असामान्य हालातों में मौत तक हो जाती है। इससे पहले मध्यप्रदेश में ही भाजपा के पूर्व वित्तमंत्री राघव जी का भी एक लड़के के साथ अश्लील वीडियो वायरल हुआ था।

उन्हें भी पार्टी से तत्काल बाहर करने में कोई जल्दबाजी नही दिखाई गई थी। सवाल भाजपा से है कि अश्लील वीडियो पर कार्यवाही पर पार्टी का पैमाना क्या है? मामला संघ से जुड़े नेता का होता है तो उनका पक्ष भी सुना जाता है जबकि अन्य नेताओं पर तुरन्त कार्यवाही क्यों कि जाती है? क्या रीना और उपेन का पक्ष नही सुना जाना चाहिये ? दूसरा सवाल जनता से है कि क्यों सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखने की हायतौबा मचाई जा रही है? हर कोई क्यों इस वीडियो को देखने के लिए उतावला हो रहा है?

Talented View : राज करने की बाज़ार नीति मतलब राजनीति

किसी नेता के ‘सेक्स वीडियो’ को देखने मे हमारी इतनी दिलचस्पी हममें आखिर क्यों पैदा हो जाती है? हर खासोआम क्यों इस वीडियो को देखने के लिए मरा जा रहा है? ओशो का कहना था कि हमारे देश मे ब्रह्मचर्य का इतना ज्यादा प्रचार किया गया है कि हमारी फितरत ठीक इससे उल्टी हो गयी है। जितना दुराग्रह हमारा ‘सेक्स’ को लेकर है उतना किसी और कौम का नही है। आज के हालात देखकर लगता है कि ओशो बिल्कुल ठीक कहते थे। हम वाकई में पागल लौग है।

खेलो में देश को सोना दिलाने वाली बेटी हिमा से ज्यादा चर्चा आज रीना ठाकुर की हो रही है। रोज़ सामने आते ऐसे निजी वीडियो मोबाइल क्रांति का दुष्प्रभाव है। ये इस बात का भी सबूत है कि निजी क्षणों में मोबाइल का उपयोग करना इज्ज़त को भी दांव पर लगा सकता है। हिमाचल कांड में कई सवाल और सीखें छुपी हुई है। दोनों को ही नज़रन्दाज़ नही करना चाहिए।

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