“मीठा मीठा गप, कड़वा कड़वा थू”

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दिल्ली चुनाव (Delhi Elections 2020 Results) के नतीज़े कल स्पष्ट हो जायेंगे। दिल्ली जैसे छोटे से राज्य में चुनावी घमासान कभी इतना भीषण नही हुआ जितना इस बार हुआ है। तमाम एग्जिट पोल एकसुर में राज्य में झाड़ू सरकार बनने का दावा कर रहे है। लेकिन इस बीच आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने जिस अंदाज़ में चुनाव आयोग और ईवीएम (EVM) पर निशाना साधना शुरू कर दिया है उससे लगता है कि वो भी नतीजों को लेकर आश्वस्त नही है।एग्जिट पोल पूर्व में भी कई बार गलत साबित हो चुके है। हालिया उदाहरण हरियाणा का है जहां सभी पोल्स भाजपा को एकतरफा जीत दिलवा रहे थे लेकिन नतीजे इससे उलट रहे। अगर दुष्यंत चौटाला के साथ गठबंधन न होता तो भाजपा (BJP) के हाथ से हरियाणा फिसल ही चुका था। यही परिस्थिति कमोबेश दिल्ली के दंगल में भी बन सकती है। कल नतीजे अनुमान से अलग भी हो सकतें है ये बेचैनी आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं में साफ दिखाई दे रही है।कहा जा रहा है कि मतदान के आखिरी घंटो में बड़ा उलटफेर हुआ है। भाजपा ने आखिरी घंटो में बड़ी संख्या में अपने मतदाताओं को घरों से निकालकर मतदान करवाया है। कई बूथों पर रात 8 बजे तक भी वोटिंग (Delhi Elections 2020 Results)  की खबरें आयी हैं। इन्ही सब बातों के चलते मतदान का आंकड़ा जारी करने में चुनाव आयोग को 24 घंटे से भी ज्यादा लग गए। लेकिन असली मुद्दा ये है कि नतीजे अनुमान से जुदा रहने की स्थिति में ईवीएम (EVM) पर दोषारोपण किया जाएगा या नही?इसका जवाब है ऐसा बिल्कुल होगा। और ऐसा करने की रूपरेखा ईवीएम (EVM) की सुरक्षा पर संदेह जताकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने बना ली है। लेकिन प्रश्न ये होना चाहिये की ईवीएम (EVM) पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करने की आदत लोकतंत्र को कितना नुकसान पहुंचा रही है। भाजपा हारे तो ईवीएम (EVM) ठीक और जीत जाए तो ईवीएम खराब, की मानसिकता का आखिर क्या इलाज़ है? राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में ईवीएम (EVM) सही थी। लेकिन दिल्ली के नतीजे आने से पहले ही ईवीएम की पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह क्यों खड़े कर दिए गए है?ऐसा पहली बार हो रहा है कि एग्जिट पोल जिस पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिखा रहे है वही पार्टी ईवीएम (EVM) को दोष दे रही है। कहीं ये कल के हंगामे की पूर्व तैयारी तो नही है? दिल्ली में ऐसी अफवाहें माहौल बहुत जल्दी ख़राब कर सकती है क्योंकि शाहीन बाग़ जैसा अराजक आंदोलन पहले ही खड़ा हुआ है। दिल्ली (Delhi Elections 2020 Results) की जनता को कल बेहद सतर्क रहना होगा क्योंकि राजनीति के गिद्ध उन्हें नोचने के लिऐ तैयार बैठे है।लोकतंत्र के हित में सभी राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम (EVM) की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह खड़े करने से बाज़ आना चाहिए या फिर खुद की जीत का श्रेय भी ईवीएम (EVM) की गड़बड़ी को ही देना चाहिए। ये दोहरा रवैया अब नही चलेगा कि हम जीते तो ईवीएम (EVM) अच्छी और हारें तो खराब। “मीठा-मीठा गप कड़वा-कड़वा थू” अब नही चल सकता। हर चुनाव के बाद ईवीएम (EVM) का रोना-धोना मचाने से नेताओं को बाज़ आ जाना चाहिए और नतीज़ों को खुले दिल से स्वीकार करना चाहिये।

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Sachin Puranik

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