प्रधानमंत्री की फीकी अपील से गुस्से में देश

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देश मे बीते दिनों में हुए घटनाक्रम को देखकर जनता में निराशा का भाव आ गया था। तब्लीगी जमात के लौगो ने जिस तरह सैकड़ों नये कोरोना मरीज़ देश को दिए उससे जनता का धैर्य चुकने लगा था। जमात के जाहिलों द्वारा अस्पतालों में नर्सों के साथ की गई अभद्रता पर भी देश गुस्से में था। ऐसे में प्रधानमंत्री का देश के नाम वीडियो संदेश से कुछ उम्मीद बंधी थी वो निराशा के सागर में डूबते देश को कुछ उम्मीद बँधाएँगे(Country Angry With PM Modi Video Message)

Talented View: मुस्लिमों का असली दुश्मन कौन? वहीं तय करें

लेकिन आज सुबह प्रधानमंत्री ने जो कहा उससे जनता की निराशा कम होने की जगह बढ़ी ही है। प्रधानमंत्री ने कानून का मज़ाक बनाने वालों के खिलाफ एक शब्द तक नही कहा। हां, पांच अप्रैल की रात नौ बजे, नौ मिनट तक दिए-मोमबत्ती जलाने की नई बात जरूर उन्होंने कही। प्रधानमंत्री मोदी की कही बात पर देश को इतना भरोसा तो है ही कि वो उनके इस विचार का अवश्य पालन करेंगे।

लेकिन प्रश्न है कि ऐसा करने से क्या जमात के जानवर कोरोना फैलाना बन्द कर देंगे? क्या इससे देश मे नर्सिंग स्टाफ पर हो रहे हमले बन्द हो जाएंगे? क्या इससे पुलिस पर पत्थर फेंकने वाले रुक जाएंगे? क्या इससे जाहिल मौलाना कोरोना फैलाना बंद कर देंगे? मोदीजी आपने कहा है तो हम जरूर लाइटें बंद करके रोशनी फैलाएंगे। आप कहेंगे तो देश पूरी रात अँधेरे में बिताने को भी तैयार हो जाएगा। लेकिन इससे होगा क्या? आप इन शैतानों को बर्दाश्त आखिर क्यों कर रहे हो?

Talented View: ज़िद्दी लोगों का भी कुछ इलाज हो… नहीं तो हिंदुस्तान तबाह हो जाएगा

आपकी एक अपील पर देश ने प्रधानमंत्री फंड में करोड़ो दान दे दिए। जो लौग गंभीर आर्थिक संकट झेल रहे है उन्होंने भी अपनी बचत में से कुछ राशि देश के लिए निकाली है। लेकिन इंदौर और निजामुद्दीन की घटना देखकर वो सब अपने आप को ठगा महसूस कर रहे है। आम जनता आपकी बात मानकर अपनी गाड़ी कमाई देश को दान कर रही है। लेकिन उस पैसे को आप इन जाहिलों के इलाज में लगा रहे है? जिन्हें नर्सेस से शालीनता से पेश आना नही आता, जो कोरोना देश मे फैलाना चाहतें है उन्हें फाइव स्टार सुविधा देने के लिए हमने पैसा नही दिया है।

सोशल मीडिया में कई लौग प्रधानमंत्री कोष में दिये दान को वापस मांगना शुरू कर चुके है। क्योंकि अपने पैसे का ऐसा दुरूपयोग देख किसी का भी खून खौल सकता है। प्रधानमंत्री जी आप पर देश विश्वास करता है। आपकी कही हर बात सर माथे पर। लेकिन हमारा पैसा हमारी ही बर्बादी चाहने वालो पर भला क्यों खर्च किया जाए? आपकी बात मानने वाले, अपको वोट देने वाले, टेक्स भरने वालों की गलतीं आखिर क्या है? ऐसे वक्त में जब मध्य वर्ग को सरकारी मदद कि उम्मीद थी उसने सिर्फ आपके कहने पर प्रधानमंत्री कोष में उल्टे पैसे जमा किये। लेकिन अब सोचने में आ ही रहा है कि कोरोना की सारी कीमत क्या हम ही चुकाएंगे? (Country Angry With PM Modi Video Message)

Talented View: संक्रमण फैलाने वाले कौन? देशभक्त या देशद्रोही…?

खुशी होती अगर आप कहते कि इन जिहादी तत्वो को सख्ती से कुचला जाएगा। थोड़ा सुकून मिलता अगर आप कहते कि सरकार इन हरकतों को बर्दाश्त नही करेगी। लेकिन आपने कहा दिए जलाओ, मोमबत्ती जलाओ। हम वो भी जला लेंगे। लेकिन प्रधानमंत्री जी क्या आप दीवार पर स्पष्ट लिखी इबारत पढ़ नही पा रहे है? देश के कानून का सम्मान करने वालों का पैसा देश विरोधी कार्य करने वालो पर खर्च करना किसी दृष्टि से न्यायसंगत नही है। थाली और दियों से कुछ ऊपर सोचिए प्रधानमंत्री जी, नही तो ये लौग देश को बर्बाद कर देंगे और आप कुछ नही कर पाएंगे।

-Sachin Pauranik

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