आत्मघाती बयानों से बदनाम कांग्रेस

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एक बड़ा मशहूर शेर है- “हमें तो अपने ने लूटा, गैरों में कहां दम था, अपनी कश्ती वहां डूबी, जहां पानी कम था” यह कांग्रेस पर सटीक बैठता है|

लोकसभा चुनाव नज़दीक है। उससे पहले मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधानसभा चुनाव है। राज्य दर राज्य हारती चली जा रही कांग्रेस का कार्यकर्ता हर चुनाव से पहले उम्मीदों की फसल बोता है, अपने पसीने से उसे सींचता है, लेकिन हवाई नेता आकर उस फसल पर इतनी ओलावृष्टि करते हैं, जिससे यह तय हो जाता है कि फसल कभी न उग सके। कार्यकर्ता यह जानकर हैरान होता है कि ये नेता उसकी ही पार्टी के हैं। ऐसे में बेचारा कार्यकर्ता आखिर क्या करे?

कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं को लगता है भाजपा से सुपारी ले रखी है कि वे कांग्रेस को कोई चुनाव नहीं जीतने देंगे। ये ही नेता कभी सेनाध्यक्ष को गुंडा कहेंगे, सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जी बताएंगे, कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी बताएंगे तो कभी हिंदुओं को तालिबानी कहेंगे। ऐसे ही नेताओं में से एक शशि थरूर आजकल हिंदुओं पर हमला करने में लगे हुए हैं। थरूर शायद यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उनकी प्रतिद्वंद्विता भाजपा से है या फिर हिंदुओं से।

कांग्रेस का कहना हिन्दुत्व का तालिबानीकरण शुरू

‘हिन्दू पाकिस्तान’ वाले बयान से विवादों में आ चुके थरूर ने अब एक नया शब्द गढ़ते हुए कहा, “मुझे लगता है कि हिन्दुत्व का तालिबानीकरण शुरू हो चुका है।” वैसे शशि थरूर बड़े बुद्धिजीवी हैं, जो संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेधावी बुद्धि आजकल हिंदुओं को बदनाम करने में लगा रखी है।

सोचने वाली बात है कि जिस देश मे 100 करोड़ हिन्दू हैं, उसी देश में थरूर हिंदुओं को पाकिस्तान और तालिबान सिद्ध करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यदि ऐसा सच में होता तो ऐसे बयान देने वाले क्या चैन से रह पाते?

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेहनत से सरकार के खिलाफ माहौल बनाकर सत्ता के पौधे रोपे थे, उनको अरमानों के नीर से सींचा था, लेकिन राहुल गांधी ने खुद कांग्रेस को मुस्लिमों की पार्टी बताकर और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जनता द्वारा आशीर्वाद स्वरूप दिए गए श्रीफल को कार की खिड़की से फेंककर इन पौधों को अंकुरित होने से पहले ही कुचल दिया। कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेता हिन्दू आस्था पर सीधे चोट करते आ रहे हैं और  इनके बाद रही सही कसर थरूर ने हिन्दुओं को तालिबानी कहकर पूरी कर दी है।

इन सबके बीच कांग्रेस कार्यकर्ता जो कुछ दिन पहले तक सोच रहा था कि- “फसलें ग़ुल  हैं, सज़ा है मैखाना..” अब फिर से चिंताग्रस्त हो चला है और सोच रहा है कि- “हमें तो अपनों ने लूटा….”

-सचिन पौराणिक

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