Talented View: ‘कोरोना’ चीन की सबसे बड़ी साज़िश

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इसे कोरोना(Corona Virus) कहें, वुहान वाईरस(Wuhan Virus) या फिर चाइनीज वाईरस(China Virus) लेकिन इसका कहर दुनिया मे थमने का नाम नही ले रहा है। इटली(Corona Virus In Italy) में कल रिकॉर्ड 900 से ज्यादा लौग कोरोना से मारे गए। स्पेन(Spain), ईरान(Iran) और अमेरिका(America) जैसे देशों में भी मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कोरोना की जन्मभूमि चीन में ये सिकुड़ता जा रहा है। दुनिया के देशो में तेज़ी से बढ़ते कोरोना के मामले और चीन में कोरोना का यूँ दम तोड़ना इशारा कर रहा है कि दाल में कुछ काला जरुर है(Corona Virus China’s Biggest Conspiracy)

Talented View:आज की बात माहौल का मज़ा लेने वालों के नाम

सोशल मीडिया(Social Media) पर ये थ्योरी गड़ी जा रही है कि सबसे पहले चीन ने एक खतरनाक वायरस अपनी प्रयोगशाला में बनाया और उसे दुनिया मे फैलाया है। दावा ये भी किया जा रहा है कि कोरोना की दवाई यनेकी वाईरस का एन्टीडॉट(Corona Anti dot) भी चीन ने पहले ही तैयार कर लिया था। वुहान की तस्वीरें दिखाकर चीन ने दुनिया को ये बताया कि वो खुद इससे परेशान हो चुका है। लेकिन अब लग रहा है कि कोरोना पर चीन ने दोहरा खेल खेला है। अचानक से ही वुहान से कोरोना के नए मरीज मिलना बन्द हो गए। जबकि दूसरी तरफ दुनिया के बाकी देशों तक ये चीनी वाईरस पहुंच गया।

अब परिस्थितियां ऐसी बन चुकी है कि दुनिया एक तरह से लॉकडाउन की स्थिति में आ चुकी है तो चीन में हालात तेज़ी से सामान्य होते जा रहा है। चीन ने कोरोना को कैसे
तेजी से काबू कर लिया और इटली,अमेरिका जैसे देश ऐसा क्यों नही कर पा रहे, ये एक बड़ा सवाल है।

कोरोना से जंग में देश को कमजोर करते ये प्रदर्शनकारी

सवाल ये भी खड़े हो रहे है कि ये वाईरस चीन के दूसरे हिस्सों में क्यों नही फैला? वुहान से चीन के शहर शंघाई की दूरी 840 किलोमीटर है। लेकिन उनका पालतू वाईरस ये दूरी तय नही कर पाया। लेकिन वुहान से इटली के बीच की दूरी 8659 किलोमीटर है। यनेकी शंघाई(Shanghai) से 10 गुना ज्यादा दूरी इटली की है। और वुहान से अमेरिका के न्यूयॉर्क(New York America) की दूरी 12000 किलोमीटर से भी ज्यादा है। लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि वुहान से ये खतरनाक वाईरस इटली पहुंच गया, अमेरिका भी पहुंच गया लेकिन शंघाई या बीजिंग(Corona Virus Beijing) नही पहुंच सका।

इसके अलावा एक बात और जो शक पैदा करती है वो ये की आर्थिक मोर्चे पर चीन के सहयोगी देश जैसे रूस और उत्तर कोरिया में इस वाईरस का कोई प्रकोप नही है। लेकिन चीन के प्रतिद्वंद्वी देश जैसे अमेरिका, इंग्लैंड, भारत, इटली, स्पेन जैसे देशो में ये वाईरस तेज़ी से फैलता जा रहा है। इन देशों में प्रधानमंत्री जैसे पद पर बैठे लौग भी जहां कोरोना की चपेट में आ गए है तो इस वाईरस की मातृभूमि चीन में कोई बड़ी शख्सियत इसका शिकार नही बनी। इसका मतलब यरः निकाला जा रहा है कि निश्चित ही उनके पास इस वाईरस का एंटीडोट होगा।

लट्ठ पड़ने के बाद भी कर्फ्यू के दुश्मन आ गए धरना देने

कोरोना से बचाव और टेस्ट(Corona Virus Test Kit) के समान की बड़ी डील स्पेन और चीन के बीच हुई है। इसका अर्थ ये निकाला जा रहा है कि कहीं ये चीन की व्यापार बढ़ाने की साजिश तो नही? लेकिन अब खबर ये आ रही है कि स्पेन को सप्लाई किये गए चिकित्सा उपकरण भी नकली पाये गए है। स्पेन को भेजी गई कोरोना की जांच किट काम ही नही कर रही है। इससे चीन के बदइरादे दुनिया के सामने जाहिर होतें है। इसके अलावा विश्व स्वास्थ्य संगठन का रवैया भी इस महामारी पर बेहद लचर रहा(Corona Virus China’s Biggest Conspiracy)। कोरोना को महामारी घोषित करने में भी WHO ने बहुत देर की जिससे ये अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैल गयी।

बहरहाल सवाल तो कई है लेकिन सबसे पहले हमें इस बीमारी से खुद को और देश को बचाना है। एक बार कोरोना से हम सुरक्षित हो जाएं उसके बाद चीन की कारगुजारियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। फिलहाल अपना ख्याल रखें और सुरक्षित रहें।

-Sachin Pauranik

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