दिल्ली देंगे में आतंकवादी उमर खालिद का हाथ

0

दिल्ली दंगों में ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) जैसे दंगाइयों (Umar Khalid Responsible For Delhi Violence) के घर मे छुपा दंगा फैलाने का साजो सामान देखकर पूरा देश दंग रह गया। इन लोगों की दंगो करने में कितनी मास्टरी है ये भी देश समझ गया। बड़े-बड़े पत्थर, लोहे की एंगलों पर बनाई गुलेल, कोक-पेप्सी की खाली बोतलों से बनाये गए पेट्रोल बम, प्लास्टिक की पन्नियों से बनाये एसिड बम और हजारों दंगाइयों की भीड़ द्वारा मचाया गया उत्पात देखकर पूरी दिल्ली आज भी सहमी हुई है।आज ही टुकड़े-टुकड़े गेंग के एक सदस्य उमर खालिद (Umar Khalid) का एक वीडियो टीवी पर दिखाया जा रहा है जिसमें वो भीड़ को भड़काते हुए दिखाई से रहे है। उमर भीड़ को कह रहे थे कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Modi trump) इंडिया आएंगे तब हमें सड़को पर उतरना होगा और प्रदर्शन करना होंगे। लेकिन देश मे एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो दिल्ली दंगे के लिये कपिल मिश्रा (Kapil Mishra), प्रवेश वर्मा (Parvesh Verma) और अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) को जिम्मेदार मानता है।

दिल्ली हिंसा कोई फसाद नही बल्कि सोची-समझी रणनीति!

सवाल ये है कि की क्या कपिल मिश्रा (Kapil Mishra BJP)  के घर से पेट्रोल बम और दंगा फैलाने का सामान बरामद हुआ है? (Umar Khalid Responsible For Delhi Violence) क्या कपिल मिश्रा के घर की छत पर हजारों दंगाई इकट्ठा हुए थे? पुलिस पर बंदुक तानने वाला शाहरुख खान (Shahrukh Khan Delhi Violence) क्या कपिल मिश्रा (Kapil Mishra Delhi) का रिश्तेदार है? लेकिन कुछ लौग अपनी आंखों पर धर्म निरपेक्षता का ऐसा चश्मा लगाकर रखतें है जिससे उन्हें अमानतुल्लाह खान और ताहिर हुसैन (Tahir Hussain)  तो बेकसूर नज़र आते है लेकिन कपिल मिश्रा  (Kapil Mishra Delhi) उन्हें सबसे बड़ा दंगाई नज़र आता है।अपनी नाज़ायज़ मांगो को मनवाने के लिए कुछ लौग पूरी दिल्ली को बंधक बनाने पर तुले हुए है और एक बंदा अगर सामने आकर रास्ता खुलवाने की बात करता है तो सब उसके पीछे ऐसे पड़ गए मानो उसने कोई गुनाह कर दिया हो। कपिल मिश्रा (Kapil Mishra Delhi BJP) के पीछे हाथ धोकर लगने वाले लौग असल मे चाहते क्या है, उनकी मंशा क्या है ये समझना बहुत जरूरी है। इसे एक उदाहरण से समझिए। कुछ समय पहले विख्यात गायक सोनू निगम ने सुबह अज़ान की आवाज़ से नींद में खलल को लेकर विरोध दर्ज कराया था।

दिल्ली हिंसा में 85 वर्षीय महिला को जलाया और उसका घर भी लूट लिया

सोनू निगम (Sonu Nigam Song)  का विरोध सिर्फ अज़ान को लेकर भी नही था, (Umar Khalid Responsible For Delhi Violence)  उनका कहना था कि सुबह-सुबह यूँ बेवजह किसी की नींद खराब नही की जानी चाहिए भले वो कोई भी धर्म-मजहब वाले हो। लेकिन सोनू निगम (Sonu Nigam Instagram) को इस बयान पर उन्हें चौतरफा घेर लिया गया। अबु आज़मी (Abu Azmi) जैसे नेता खुलेआम ये कहने लगे कि अज़ान की आवाज़ पर कोई विरोध नही सुना जाएगा। लेकिन क्या सोनू ने कुछ गलत कहा था? आपके किसी कृत्य से पूरे शहर की नींद खराब हो रही है तो इसका विरोध किया ही जाना चाहिए। लेकिन ये लौग जानबूझकर ऐसा माहौल बना देतें है जिससे अगली बार कोई इनका विरोध करने के लिए खड़ा न हो पाए।यही सब तरीके कपिल मिश्रा (Kapil Mishra Delhi) के लिए भी आज़माये जा रहे है। मिश्रा ने रास्ते खोलने के लिए आवाज़ उठाई बस यही बात एक वर्ग को अखर गई। लेकिन अगर रास्ता जाम करना आपका अधिकार है तो उसे खुलवाने के लिए आवाज़ उठाने का हक भी आप किसी से छीन नही सकते। इस तरह हर जगह रास्ते बंद करने का पुरजोर विरोध होना ही चाहिये। क्योंकि इनका विरोध आज नही किया गया तो कल को इनके हौसले बढ़ेंगे और दंगो के लिये इनकी तैयारी आप देख ही चुके है। इन्हें देश की सड़कें जाम करने का अधिकार चाहिए लेकिन दूसरों से ये रास्ता खुलवाने की बात करने का अधिकार भी छीन लेना चाहतें है। अब समय आ गया है कि देश के लोकतंत्र को इस भीड़तंत्र के आगे झुकने की बजाय इन्हें कुचलने पर ध्यान देना चाहिए।

1984 Anti-Sikh Riots : सज्जन को राहत नहीं, रिहाई लगे अति दूर

Sachin Pauranik

Share.