भाजपा ने फेंका जाल फंस गए केजरीवाल

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राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के एक बेहतरीन बल्लेबाज़ थे। (Cartoon On Arvind Kejriwal) उनकी कलात्मकता और धैर्य का हर कोई कायल था। एक बार वो पिच पर जम जाएं तो उन्हें हिलाना मुश्किल था। इन्ही वजहों से उन्होंने सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज़ के साथ ही ‘द वाल’ भी कहा जाता था। लेकिन इतनी खूबियों के बाद भी द्रविड़ की कुछ सीमाएं थी। वो पिच पर जमने में समय लेते थे और धीमे बल्लेबाज़ी करते थे।इसकी वजह से वो ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट के लिए सही नही थे। क्रिकेट (cricket)  के इस फॉरमेट में हालांकि उन्होंने सिर्फ एक ही मैच खेला लेकिन इसमें उन्हें सफलता मिलती भी नही। द्रविड़ जैसे बल्लेबाज के लिए 20-20 क्रिकेट (20-20 cricket) में कोई विशेष स्कोप नही था। हां टेस्ट मैचों में उनका कोई सानी नही था। टेस्ट के महानतम बल्लेबाज़ों में द्रविड़ का नाम शुमार है। कहने का मतलब इतना ही है कि की हर खिलाड़ी का अपना एक ‘कम्फर्ट ज़ोन’ होता है और उसमें उन्हें हराना बहुत मुश्किल होता है।ऐसा ही राजनीति (Cartoon On Arvind Kejriwal) में भी होता है। हर पार्टी के अपने कुछ कम्फर्ट ज़ोन वाले मुद्दे होतें है। जब चुनाव इन पर लड़ा जाता है तो वो जीत जातें है और मुद्दे विरोधी पक्ष के कम्फर्ट ज़ोन वाले आ जातें है तो जितना मुश्किल हो जाता है। मतलब चुनाव के दौरान उठे मुद्दे देखकर ही राजनीतिक पंडित अनुमान लगा लेतें है कि चुनाव परिणाम का रुख किस तरफ रहने वाला है। दिल्ली के दंगल में इस समय यही हो रहा है।कहने को भले दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला बताया जा रहा है लेकिन असली टक्कर सीधे सीधे आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच है। फ्री बिजली-पानी, मोहल्ला क्लिनिक और शिक्षा ये सब मुद्दे वो पिच है जिस पर केजरीवाल आसानी से छक्के जड़ सकतें है लेकिन भाजपा के लिए मुफीद पिच मोदी बनाम केज़रीवाल (Arvind Kejriwal) , शाहीन बाग (Shaheen Bagh) और देशभक्ति से जुड़े मुद्दे है। इस पिच पर खेल खेला जाएगा तो भाजपा आसानी से मैच जीत जायेगी।

Talented View : सम्मान की जात

Cartoon On Arvind Kejriwal | Cartoon On Modi | Social Toon

केजरीवाल (Cartoon On Arvind Kejriwal) ने दिल्ली में काम किया या नही किया से भी ज्यादा जरूरी बात दिल्ली के चुनाव में ये है कि जनता के मन मे किन मुद्दों को लेकर एक समझ बन रही है। जब तक भाजपा मैदान में नही उतरी थी तब तक लग रहा था केज़रीवाल आसानी से दिल्ली जीत लेंगे। लेकिन जैसे जैसे भाजपा का चुनाव प्रचार गति पकड़ रहा है केजरीवाल के खिलाड़ी अपनी पिच से उखड़ते जा रहे है। कपिल मिश्रा, तेजिंदर बग्गा, अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा, जेपी नड्डा और अमित शाह अपने  बयानो द्वारा ये हरसंभव कोशिश कर रहे है कि केजरीवाल को उनकी पिच से हटाकर भाजपा (BJP) की पिच पर बल्लेबाजी कराई जाए।केजरीवाल (Cartoon On Arvind Kejriwal) और उनकी पार्टी को मजबूर किया जा रहा है कि वो अपने कम्फर्ट के मुद्दों को छोड़कर भाजपा वाले मुद्दे लपक ले। और ये भाजपाई रणनीति असर दिखला भी रही है। शाहीन बाग मामला बीते दिनों में दिल्ली चुनाव पर छाया हुआ हैं। यही मुद्दा आने वाले दिनों में भी इसी तरह हावी रहा तो केजरीवाल के लिए दिक्कतें बढ़ सकती हैं। केजरीवाल (Arvind Kejriwal) भले ही राहुल द्रविड़ हो लेकिन भाजपा भी उनसे ट्वेंटी-ट्वेंटी क्रिकेट (20-20 cricket?)  खिलवाना चाह रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने अगर भाजपा (BJP) की पिच  पर बल्लेबाजी करने की गलतीं की तो उनके स्टम्प उड़ने तय है।

Arvind Kejriwal ने अगर अपनी Pitch छोड़कर BJP की Pitch पर खेला तो हो जाएंगे "Clean Bold"

Arvind Kejriwal ने अगर अपनी Pitch छोड़कर BJP की Pitch पर खेला तो हो जाएंगे "Clean Bold"हर पार्टी के अपने कुछ कम्फर्ट ज़ोन वाले मुद्दे होतें है। जब चुनाव इन पर लड़ा जाता है तो वो जीत जातें है और मुद्दे विरोधी पक्ष के कम्फर्ट ज़ोन वाले आ जातें है तो जितना मुश्किल हो जाता है। मतलब चुनाव के दौरान उठे मुद्दे देखकर ही राजनीतिक पंडित अनुमान लगा लेतें है कि चुनाव परिणाम का रुख किस तरफ रहने वाला है। दिल्ली के दंगल में इस समय यही हो रहा है।#DelhiElections #Delhi #ArvindKejriwal #AAPwasted5Years #JhoothiAAPSarkar #AAP #BJP #LageRahoKejriwal #DelhiWithAAP #AAPwithShaheenBagh #KejriwalVsEntireBJP #KejriwalPhirSe

Talented India News द्वारा इस दिन पोस्ट की गई बुधवार, 29 जनवरी 2020

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Sachin Puranik

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