राखी सावंत की तरह हदें पार की अमिताभ ने

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सार्वजनिक जीवन मे रहने वालों को पब्लिक अटेंशन की आदत इतनी ज्यादा हो जाती है (Amitabh Bachchan Activities On Social Media) कि कभी इसमें थोड़ी कमी दिखाई देती है तो वो परेशान हो उठते है। वो उलजुलूल हरकतें करके भी जनता का ध्यान अपनी तरफ खींचने लगतें है। राखी सावंत (Rakhi Sawant) का उदाहरण इस मामले में सदाबहार है। क्योंकि राखी सुर्खियों में बने रहने के लिए किसी भी हद तक चली जाती है। आभासी दुनिया जैसे कि ट्विटर, फेसबुक पर भी बड़ी हस्तियां चर्चा में बने रहने के लिए तमाम हथकंडे अपनाते रहते है।सुर्खियों में बने रहने के लिए सितारे जनता की भावनाओं को भड़काना चाहतें है। वो नही चाहते कि लौग उन्हें सिर्फ प्रशंसा और प्यार ही दे, लौग उन्हें गालियां दें, कोसे ये भी उनकी धरोहर है। वो सिर्फ ये चाहतें है कि लौग उनकी तरफ पीठ न कर दें। चाहे गाली मिले चाहे तारीफ लेकिन कुछ न कुछ मिलते रहना चाहिये। जनता उन्हें भुला न दे बस यही उनकी इस जोड़तोड़ का कुल फलसफा होता है।

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महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan Activities On Social Media)  भी इस मामले में कुछ जुदा नही है। उन्होंने भी ट्विटर (Amitabh Bachchan Twitter) पर नये संग्राम को जन्म देते हुए लिख दिया कि-
“हम बग़ैर मुहूर्त के जन्म लेते हैं और बग़ैर मुहूर्त के हमारी मृत्यु भी हो जायेगी भलीभाँति जानते हैं..
फिर सारी उम्र शुभ मुहूर्त के पीछे क्यूँ भागते हैं…?”
कोई दे सकता है जवाब ????
महानायक (Mahanayak Amitabh Bachchan)ने ये सवाल पूछा तो जनता ने भी तुरंत उनकी फिरकी लेना शुरू कर दी। जनता ने उल्टे अमिताभ से पुछ लिया कि आप इतने ज्ञानी हो तो अपने बेटे अभिषेक की ऐश्वर्या से शादी करवाने से पहले एक पेड़ के साथ ऐश्वर्या (Aishwarya Rai Twitter) की शादी क्यों करवाई थी? हाथी के दांत खाने के अलग और दिखाने के अलग क्यों है?

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एक यूजर ने लिखा कि बिग बी के लॉजिक के हिसाब से इंसान नंगा पैदा होता है  (Amitabh Bachchan Activities On Social Media) और नंगा ही मर जाता है तो क्या बीच की जिंदगी भी बिना कपड़ों के ही गुज़ार दे? इसके अलावा इंसान बिना पैसों के पैदा होता है और बिना पैसों के ही मर जाता है तो अमिताभ (Amitabh Bachchan Film) खुद क्यों इतनी उम्र में भी विज्ञापन और फिल्में कर रहे है? तब उन्हें ये बात याद क्यों नही रहती? और मुहूर्त की बात करने वाले अमिताभ ने अपनी खुद की कंपनी एबीसीएल (अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड)  (Amitabh Bachchan Corporation Limited) ही गलत मुहूर्त में तो नही खोली थी जिसकी वजह से उन्हें लंबा नुकसान उठाना पड़ा?एक यूजर ने अमिताभ (Amitabh Bacchan Instagram) की फ़िल्म ‘दीवार’ का हवाला देते हुए लिखा कि- ‘विजय नास्तिक है, वो मंदिर नही जाता और भगवान का प्रसाद भी नहीं लेता है.. लेकिन 786 no के बिल्ले पर उसे पूरा विश्वास है.. और वही बिल्ला दुश्मन की गोली से उसकी जान भी बचाता है…. वामपंथ की किताब मे इसे ही सेकुलरिज्म का सुलेमानी कीड़ा कहते है।

इस तरह तमाम लोगों ने ट्विटर पर अमिताभ (Amitabh Bachchan Activities On Social Media) को मुहूर्त का फल विधि विधान के साथ समझाया। अमिताभ की मंशा के मुताबिक ही उनके इस ट्वीट पर औसत के करीब 20 गुना ज्यादा लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इस तरह महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने ये सुनिश्चित कर लिया कि जनता के जेहन में उनकी छवि बनती रहे और लौग उन्हें ना भूलें। लेकिन बिग बी को बस यही कहना है कि आपका कद फ़िल्म इंडस्ट्री में पहले ही उस मुकाम पर है जहां आपको चर्चा में बने रहने के लिए राखी सावंत (Rakhi Sawant Instagram) बनने की कोई जरूरत नही है। लेकिन शायद किसी अच्छे मुहूर्त में ही अमिताभ को ये बात समझ आ सकती है।

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Sachin Pauranik

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