45 मिनट तक बंद रहा शेयर मार्केट, ऐतिहासिक गिरावट दर्ज

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लगातार कई दिनों से नीचे के रास्ते पर चल पड़े शेयर मार्केट(Share Market Updates) में इस शुक्रवार एक और बड़ी घटना हुई। सुबह शुरु होने के बाद ही शेयर मार्केट को 45 मिनट के लिए रोकना पड़ा। मई 2008 के बाद यह पहली बार था जब शेयर बाजार (Share Market !3 March 2020) कुछ देर के लिए बंद हुआ। ऐसा इसलिए हुआ कि शेयर बाज़ार लोअर सर्किट में चला गया था। जब शेयर बाजार में 10 फीसदी या उससे अधिक की गिरावट आती है, तो उसमें लोअर सर्किट लग जाता है और ट्रेडिंग कुछ देर के लिए रोक दी जाती है। दुनियाभर में कोरोना वायरस के चलते ग्लोबली शेयर बाजारों में गिरावट(Stock Market Crash) का दौर जारी है। भारत में भी सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स और निफ्टी 10 फीसदी से अधिक लुढ़क गया और इस वजह से ट्रेडिंग(Stock Market Trading) रोकनी पड़ी।

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शेयर बाज़ार रोकने का मतलब क्या है?

कुछ देर तक शेयर बाजार में कारोबार(Stock Trading) नहीं हुआ, यानी इस दौरान ना तो लोग शेयर खरीद पाए और ना ही बेच पाए।बीते 12 साल में पहली बार है जब शेयर बाजार(Share Market) में ट्रेडिंग रोकी गई। इससे पहले मई 2008 में भी शेयर बाजार कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था। तब ग्लोबली(Global Share Market) आर्थिक मंदी का दौर था और भारत में भी इसके संकेत मिल रहे थे।

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आगे भी रुक सकता है बाज़ार-

फलिहाल, ये ट्रेडिंग 45 मनिट के लिए रोकी गई थी और शेयर बाजार में कारोबार 10.20 बजे से शुरू कर दिया गया। लेकिन स्टॉक एक्सचेंज(Bombay Stock Exchange) के नियमों के मुताबिक 1 बजे से पहले शेयर बाजार में फिर से 15 फीसदी तक की गिरावट आई तो 1.45 घंटे तक ट्रेडिंग रोक दी जाएगी। स्टॉक एक्सेंज की भाषा में अब 15 फीसदी का लोअर सर्किट होगा।

क्यों रोकी जाती है ट्रेडिंग?

दलाल स्ट्रीट में निवेशकों(Share Market Investors) के निवेश को सुरक्षित रखने के लिए ट्रेडिंग पर रोक लगा दी जाती है। इससे निवेशकों के नुकसान का संकट ज्यादा गहरा होने से बच जाता है। बहरहाल, जब ट्रेडिंग रोकी गई तब सेंसेक्स(BSE) 3090.62 अंक लुढ़क कर 29,687.52 अंक पर था। वहीं निफ्टी(Nifty 50) की बात करें तो यह 966.10 की गिरावट के साथ 8,624.05 अंक पर था। इस बीच, रुपया भी ऑल टाइम लो पर नज़र आ रहा है। डॉलर के मुकाबले यह 74.50 रुपया पर कारोबार करता दिखा।

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गुरुवार को भी हालात थे खराब

कोरोना वायरस(Corona Virus) के मामले बढ़ने की वजह से भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भी दहशत का माहौल रहा। इस दिन सेंसेक्स 2,919.26 अंक टूटकर 32,778.14 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 868.25 अंक लुढ़क कर 9,590.15 अंक पर रहा. कारोबार के दौरान तो सेंसेक्स 3200 अंक तक नुकसान में रहा, वहीं निफ्टी में भी करीब 1000 अंक की गिरावट दर्ज की गई।घरेलू शेयर बाजारों में मची अफरातफरी के बीच निवेशकों की 11 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई।

ग्लोबल बाज़ार में भी मंदी-

कोरोना वायरस के संकट की वजह से अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक डाउ जोन्स और एसएंडपी ने ऐतिहासिक गिरावट देखी। शुरुआती कारोबार में डाउ जोन्स की गिरावट देखते हुए ट्रेडिंग 15 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक देनी पड़ी। मतलब ये कि अमेरिकी शेयर बाजार में 15 मिनट के लिए किसी भी तरह का कारोबार नहीं हुआ(Stock Market Crash)। अंत में डाउ जोन्स 10 फीसदी यानी 2,352.60 अंक लुढ़क कर 21,200.62 अंक के स्तर पर बंद हुआ। ये 1987 के बाद का सबसे खराब प्रदर्शन ह।. इसी तरह, एसएंडपी 9.5 फीसदी लुढ़क कर बंद हुआ। तो कोरोना के चलते शेयर बाज़ार भी बीमार नज़र आ रहा है। लगातार कई दिनों से शेयर बाज़ार में ऐतिहासिक गिरावट देखी जा रही है, जो अब तक की बड़ी गिरावट है।

Rahul Tiwari

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