हॉकी विश्वकप : भारत को मिलेगा फायदा

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इस बार हॉकी विश्वकप 2018 का आयोजन भारत के भुवनेश्वर में हुआ है| भारतीय टीम ने इस बड़े आयोजन की शुरुआत शानदार जीत के साथ की है| भारतीय टीम ने पूल ‘सी’  में अपना पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था| भारतीय टीम ने यह मुकाबला 5-0 से अपने नाम किया था| अब भारतीय टीम का सामना दो दिसंबर को दुनिया की तीसरे नंबर की टीम बेल्जियम से और आठ दिसंबर को कनाडा से होगा|

इन मुकाबलों से पहले भारतीय टीम के  पूर्व कोच जोस ब्रासा ने कहा कि इस बार भारत के पास अपने दर्शकों के सामने विश्वकप में स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा मौका है बशर्ते वे प्रदर्शन में निरंतरता बरकरार रखें| ब्रासा ने एक इंटरव्यू में कहा,  भारत के लिए अपने घरेलू मैदान पर विश्वकप जीतना आसान होगा| भारतीय टीम ऐसी है, जो किसी भी टीम को हरा सकती है और किसी भी बड़े टूर्नामेंट में पदक जीत सकती है, लेकिन इसके साथ ही किसी भी टीम से हार भी सकती है| भारत को प्रदर्शन में निरंतरता रखनी होगी|

उन्होंने कहा,  भुवनेश्वर जैसी जगह पर खचाखच भरे स्टेडियम में खेलने से भारत को बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा मिलेगी और बड़े टूर्नामेंटों में पदक जीतने का अनुभव नहीं होना भी भारी नहीं पड़ेगा, लेकिन हमेशा दर्शकों के समर्थन को ही मानदंड नहीं माना जा सकता|

जिस समय ब्रासा भारतीय टीम के कोच थे, उस समय भारत ने दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 में रजत और ग्वांग्झू एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था| ब्रासा ने कहा कि पिछले दस वर्ष में भारतीय टीम के प्रदर्शन में काफी सुधार आया है और इसका श्रेय बेहतर बुनियादी ढांचे और विदेशी कोचों को जाता है|

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