सिंधू ने लिखा इतिहास,साइना को मिला कांस्य

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इंडोनेशिया के जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स 2018 में एक ओर भारत के लिए ख़ुशी का पल है तो दूसरी ओर थोड़ी मायूसी का भी है। भारत की ओर से खेल रही पीवी सिंधू ने जहां इतिहास रचा है वहीं साइना नेहवाल को हार का सामना करना पड़ा है। 1962 से बैडमिंटन एशियन गेम्स का हिस्सा है और तब से लेकर अभी तक भारत का कोई भी शटलर ब्रॉन्ज़ मेडल से आगे नहीं बढ़ सका है, लेकिन पीवी सिंधू  ने अपनी जीत दर्ज करवाते हुए भारत के नाम एक सिल्वर जीता है। पीवी सिंधू की जीत के बाद यह पहला मौका होगा, जब एशियन गेम्स के इतिहास में भारत को सिल्वर मेडल हासिल होगा।

पुसरला वेंकट सिंधु  एक विश्व वरीयता प्राप्त भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं तथा भारत की ओर से ओलम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का रजत पदक जीतने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। पीवी सिंधू ने नवंबर 2016 में चीन ओपन का खिताब अपने नाम किया था। एशियन गेम्स में 20 -10 के स्कोर पर पीवी सिंधू ने विजयी स्मैश लगाकर फाइनल में जगह बनाई। जापान की अकाने यामागुची को मात देकर सिंधू ने यह खिताब अपने नाम किया। और इसी के साथ पीवी सिंधू एशियन गेम्स में बैडमिंटन सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं।  बैडमिंटन के इतिहास में सिंधू द्वारा लिखा जाने वाला यह नया कारनामा होगा।

वही साइना नेहवाल फाइनल में प्रवेश नहीं कर पाई। एशियन गेम्स 2018 में  साइना नेहवाल को महिला एकल के सेमीफाइनल मुकाबले में हार मिली है। हालांकि हार के बाद भी साइना को कांस्य पदक मिला है।  साइना का एशियाई खेलों में यह पहला पदक है। जीत के बाद पीएम मोदी ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी। साइना को महिला एकल के सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की खिलाड़ी ताई जु यिंग ने सीधे गेमों में 21-17, 21-14 से मात दी। यिंग के गलत शॉट का फायदा उठाते हुए साइना ने यिंग के खिलाफ स्कोर 10-10 से बराबर कर लिया।

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