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पुतिन की अमरीका को चेतावनी

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रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमिर पुतिन ने अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए एक बयान के जवाब में कहा कि हम वही करेंगे, जो अमरीका करेगा। दरअसल, नाटो की एक बैठक में अमरीका के विदेश मंत्री मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि रूस की धोखाधड़ी के कारण अब अमरीका 60 दिनों के भीतर इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज ट्रीटी के अंतर्गत अपने दायित्वों को त्याग देगा।

गौरतलब है कि 8 दिसंबर 1987 को संयुक्त राज्य अमरीका और सोवियत संघ के बीच एक संधि की गई थी। संयुक्त राज्य अमरीका के राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन और सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव ने इस संधि पर हस्ताक्षर कर इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर मिसाइलों को नष्ट करने और उनकी संख्या निश्चित करने का फैसला लिया था, जिसके बाद साल 1991 में तकरीबन 2700 मिसाइलों को नष्ट किया गया था। इस संधि को इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज ट्रीटी नाम दिया गया था।

अब इस मुद्दे को लेकर अमरीका और रूस आपस में भिड़ गए हैं। अमरीकी विदेश मंत्री के इस बयान के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने जवाबी हमला करते हुए कहा है कि यदि अमरीका द्वारा प्रतिबंधित मिसाइलों को विकसित किया गया तो रूस को भी ऐसा करना पड़ेगा। रूस भी इन मिसाइलों को विकसित करेगा। पुतिन ने ट्रंप पर हमला करते हुए कहा कि हमारे सहयोगियों को लगता है कि परिस्थितियां बदल गईं हैं और अब अमरीका के पास इस तरह के हथियार होने चाहिए। अगर अमरीका को ऐसा लगता है तो इस मामले में हम भी वही करेंगे, जो अमरीका करेगा।

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर आरोप लगाते हुए कहा था कि रूस ने इस संधि का उल्लंघन किया है और एक मध्यम दूरी की नई मिसाइल बनाई है। इस वजह से अमरीका इस संधि को नकारता है और अब वह इस संधि को नहीं मानेगा।

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