वर्ल्ड कप के टिकट को लेकर भिड़े एमपीसीए और बीसीसीआई

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एमपीसीए और बीसीसीआई के बीच अक्सर विवाद (MPCA and BCCI fight) की स्थिति बनती रहती है| मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) सभी इंदौरी क्रिकेटप्रेमियों की उम्मीदों पर अक्सर पानी फेरता नज़र आता है | पिछले साल आईपीएल प्रीति ज़िंटा पहले ही शहर की व्यवस्था और क्रिकेट फैंस से नाराज़ होकर यह कह चुकी हैं कि अब वे इंदौर को कभी भी अपना होमग्राउंड नहीं बनाएंगी | यह बड़ी विडम्बना है कि प्रदेश में बड़े और अच्छे मैच कराने की जिम्मेदारी जिस एमपीसीए (मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन) की है, वह अपने अंदरूनी विवादों से ही उबर नहीं पा रहा है। हमेशा कॉम्प्लीमेंट्री और अन्य पास को लेकर असंतुष्ट ही नज़र आता है, और इसी कारण बड़े आयोजनों से हाथ धो बैठता है |

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गौरतलब है कि पास बंटवारे के विवाद (MPCA and BCCI fight) के बाद अब वर्ल्ड कप के टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। वर्ल्ड कप के टिकट 390 से 1550 पौंड (1 पौंड 87.93 रुपए) में बिके हैं यानी 34 हजार रुपए से 1 लाख 36 हजार रुपए तक की कीमत में। पूरे टिकट बिक चुके हैं और अब यह टिकट आठ से दस लाख रुपए तक में बिक रहे हैं।

एमपीसीए के कुछ सदस्यों ने वर्ल्ड कप के लिए बीसीसीआई की ओर से आने वाले टिकटों (MPCA and BCCI fight) की मांग की थी। संस्था के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारी और हाई प्रोफाइल सदस्य टिकट हासिल करने में सफल हो गए। सूत्रों के अनुसार, छह सदस्यों को यह टिकट मिल गए हैं। तीन सदस्यों को तो भारत के दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के सभी मैचों के टिकट मिले, वहीं दो सदस्यों को ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान मैच के, एक सदस्य को ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड तीनों टीमों के साथ होने वाले मैच के टिकट दिए गए हैं।

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एमपीसीए के सदस्य और इंदौर डिवीजनल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव अमिताभ विजयवर्गीय ने भी इसे लेकर एमपीसीए को पत्र लिखकर (MPCA and BCCI fight) मांग की है कि टिकट दिए जाने को लेकर पारदर्शी सिस्टम बने, जिससे सभी को समान रूप से टिकट मिल सकें।

उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई से पास विवाद (MPCA and BCCI fight) के कारण ही इस बार इंदौर को बांग्लादेश और जिम्बाब्वे जैसी कमजोर टीमों के मैच मिले हैं जबकि रोटेशन में इंदौर को ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका या वेस्टइंडीज जैसी बड़ी टीमों के मैच मिलना थे।

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यदि पिछले साल अक्टूबर माह में बीसीसीआई और एमपीसीए के बीच हुए इस विवाद (MPCA and BCCI fight)पर एक नज़र डाली जाए तो मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के सचिव मिलिंद कनमाड़ीकर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को यह सूचना दी थी कि वे इस समय दूसरा वनडे आयोजित करने की स्थिति में नहीं हैं| इस विवाद की वजह कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों (मुफ्त टिकट) को बताया गया था | बीसीसीआई ने एमपीसीए से ज्यादा कॉम्प्लिमेंट्री टिकटों की मांग की थी और एमपीसीए ऐसा नहीं करना चाहता था|

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