ख़फा लिएंडर पेस का टूर्नामेंट को ‘ना’

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लिएंडर पेस पांच गोल्ड और आठ पदक जीतने वाले भारत के व्यावसायिक टेनिस खिलाड़ी हैं, जो आजकल युगल एवं मिश्रित युगल मुकाबलों में भाग लेते हैं। भारत के सफलतम खिलाड़ियों में शुमार एवं कई युगल एवं मिश्रित युगल स्पर्धाओं में जीत हासिल करने वाले लिएंडर पेस अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) से ख़ासे ख़फा हैं। इस कारण वे एशियाई खेलों से हट गए हैं। उनकी नाराज़गी की वजह है युगल मुकाबलों के लिए ‘विशेषज्ञ’जोड़ीदार नहीं मिलना।

अठारहवें एशियाई खेल संपूर्ण एशिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन 18  अगस्त से 2  सितंबर 2018  के बीच इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग शहरों में किया जा रहा है। एशियन खेलों पर पूरे विश्व की नज़र बनी रहती है। ऐसे में भारत के अनुभवी खिलाड़ी लिएंडर पेस का खेलने से यूं इनकार करना चर्चा का विषय बना हुआ है।

विशेषज्ञ जोड़ीदार न मिलने के कारण पेस ने एशियन खेलों से दूरी बना ली है। पेस को एकल खिलाड़ी सुमित नागल के साथ जोड़ी बनाने को कहा गया था| कप्तान जीशान अली के पास पेस की जोड़ी नागल या रामकुमार रामनाथन के साथ बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। लिएंडर पेस के अनुसार, यदि वे रामकुमार रामनाथन के साथ युगल स्पर्धा खेलते तो रामनाथन का एकल स्पर्धा से ध्यान भटक जबकि उनके पास  एकल में पदक जीतने का सुनहरा मौका है।

पेस ने कहा कि हमारे युगल विशेषज्ञ श्रीराम बालाजी, विष्णु वर्धन, पूरव राजा और जीवन नेदुनचेझियान मौजूदा सत्र में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और इनमें से एक एशियाई खेलों की टीम को मजबूत करने के लिए इसमें शामिल होने का हकदार था।

पेस ने दुःख जताते हुए कहा कि “बड़ी मायूसी के साथ मैं यह कह रहा हूं कि मैं इंडोनेशिया में आगामी एशियाई खेलों में नहीं खेलूंगा।”

उन्हें खेद है कि इतने हफ्तों पहले से लगातार आग्रह करने के बावजूद यह दुखद है कि हम एशियाई खेलों में दूसरी मजबूत युगल जोड़ी के लिए युगल विशेषज्ञ को टीम में शामिल नहीं कर पाए। लिएंडर पेस को भारत का खेल जगत में सबसे ऊंचा पुरस्कार राजीव गांधी खेलरत्न पुरस्कार 1996-1997 में दिया गया| साथ ही 2001 में पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। 2014 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

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