तेजिंदर पाल नहीं कर पाए पिता की अंतिम ख्वाहिश पूरी

0

इंडोनेशिया के जकार्ता और पालेमबांग में खेले गए 18वें एशियाई खेल में भारत की ओर से शॉट पुटर तेजिंदर पाल सिंह तूर ने गोल्ड जीत कर देश का और अपने परिवार का गौरव बढ़ाया, लेकिन सोमवार को उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा| स्वर्ण पदक जीतने के बाद वे अपने पिता से मिलकर उन्हें यह पदक दिखाना चाहते थे लेकिन इससे पहले ही उनके पिता करम सिंह की मौत हो गई| उनके पिता पिछले 2 वर्ष से कैंसर से ग्रसित थे|

कुछ घंटे बाद ही वे अपने पिता से मिलने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनके पिता स्वर्ग सिधार गए| तूर को पता था कि उनके पिता की हालत गंभीर है, इसलिए उन्होंने दिल्ली उतरते ही सड़क के रास्ते मोगा जाने का फैसला किया, लेकिन वह अपने घर पहुंचने से कुछ ही दूर थे कि उन्हें यह दर्दनाक खबर मिली|

करम सिंह – रह गई अंतिम ख्वाहिश

तूर के पिता की अंतिम ख्वाहिश थी कि वे अपने बेटे द्वारा जीता स्वर्ण पदक अपने हाथों में उठाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका| पिछले 5 दिन से उनके पिता करम सिंह गंभीर हालत के चलते मोहाली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था| सोमवार शाम को उन्होंने वहीं अंतिम सांस ली|

6 सितम्बर को धूमधाम से निकालनी थी तेजिंदर पाल की विजय यात्रा

तेजिंदर पाल को 6 सितंबर को अपने गांव आना था, जहां पूरी धूमधाम से उसका स्वागत किया जाना था| सोमवार को जब उन्हें पिता की हालत ज्यादा खराब होने के बारे में पता चला तो वे पहले ही दिल्ली से मोहाली के लिए निकले| अंबाला पहुंचने पर मां से बात हुई तो उन्होंने तेजिंदर पाल को अस्पताल नहीं पहुंचने की बजाय सीधे घर पहुंचने की बात कही| उनका कहना था कि डॉक्टर ने जवाब दे दिया है और अब तेरे आने के बाद ही तेरे पिता को दिल्ली लेकर चलेंगे| जैसे ही तेजिंदर पाल घर पहुंचे, उन्हें पता चला कि उनके पिता पहले ही दम तोड़ चुके थे|

Share.