ऐसी व्यवस्था से कैसे होगा आईपीएल?

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जब-जब बीसीसीआई इंदौर में क्रिकेट मैच का आयोजन करती है, तब-तब शहर के दर्शकों को प्रशासन की व्यवस्था से निराशा हाथ लगती है| पिछले पांच वर्षों में शहर के होलकर स्टेडियम में 3 वनडे और 1 टी-20 सहित कुल 4 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन हुआ है और लगभग सभी मैचों में प्रबंधन  द्वारा अव्यवस्था की तस्वीर देखने को मिली| इंदौर में हुए अब तक के सभी मैचों में भारत को जीत हासिल हुई है और खिलाड़ियों ने यहां कई रिकॉर्ड भी दर्ज किए हैं| लेकिन इन सभी मैचों के उपरांत बने रिकॉर्ड की चर्चा कम और अव्यवस्था की चर्चा अधिक होती है|

7 अप्रैल से आईपीएल के 11वें संस्करण की शुरुआत होने जा रही है| प्रीति जिंटा की टीम किंग्स 11 पंजाब ने इंदौर को अपना दूसरा होम ग्राउंड बनाया है| टीम को यहां इस लीग के 4 मुकाबले खेलने हैं| इंदौर में पिछले मैचों में हुई अव्यवस्था को देखकर प्रशासन और मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) पर अभी से सवाल उठना शुरू हो गए हैं|  हाल ही में  इंदौर में हुए भारत बनाम श्रीलंका टी-20 मैच को देखा जाए, तो इस मैच के बाद भी रिकॉर्ड से ज्यादा होलकर स्टेडियम में हुई अव्यवस्था की चर्चा हुई थी| अखबारों में मैच के रिकार्ड्स की जगह यहां हुई अव्यवस्था की तस्वीरें दिखाई दी थी|

पिछले वर्ष 22 दिसंबर को हुए भारत बनाम श्रीलंका टी-20 मुकाबले में दर्शकों की नाराजगी देखने को मिली| मुकाबला शुरू होने के बाद भी दर्शक बाहर ही खड़े रहे| लचीली व्यवस्था के चलते कुछ दर्शकों को मैच शुरू होने के 40 मिनट बाद स्टेडियम में दाखिल हुए| इस अव्यवस्था को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में निराशा देखने को मिली| इस घटना के बाद प्रशासन और एमपीसीए प्रबंधन  पर सवाल उठने लगे और हमेशा की तरह पलड़ा झाड़ते हुए जवाब आया की आगे से ऐसी अव्यवस्था देखने को नहीं मिलेगी|

भारत-साउथ अफ्रीका  2015: लाठीचार्ज

14 अक्टूबर 2015 को भारत बनाम साउथ अफ्रीका वन डे मैच खेला गया| इस मैच में भारत ने 22 रनों से जीत दर्ज की, लेकिन इस जीत को देखने से पहले इंदौर के दर्शकों को टिकटों के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी| मैच का टिकट पाने के लिए क्रिकेट प्रेमियों को घंटो लाइन में लगना पड़ा| मैच टिकटों को लेकर कोई अव्यवस्था न हो इसके लिए एमपीसीए ने होलकर स्टेडियम के काउंटर के अलावा बैक ऑफ़ इंडिया की कुछ चुनिंदा शाखाओं से टिकटों की बिक्री की गई| इसके बावजूद टिकट काउंटर पर ऐसी परिस्थितियां बनी जब पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा|

क्रिकेट प्रेमी टिकट पाने के लिए बैंक काउंटर पर देर रात से ही जमा होने लगे थे| घंटों तपती धुप में भारी जद्दोजहद करने के बावजूद लोगों को टिकट नहीं मिला, जिसके फलस्वरूप भीड़ का आक्रोश देखने को मिला| लोगों ने बैंक शाखा के बाहर लगी रैलिंग और लोहे के गेट को नुकसान भी पहुंचाया, जिसके बाद पुलिस को मजबूरन लाठीचार्ज करना पड़ा| वहीं वर्ष 2017 में भी आईपीएल मैच की टिकटों के लिए लोगों को मारामारी करनी पड़ी थी| इस दौरान भी पुलिस ने लोगों पर लाठियां बरसाई थीं|

ऑनलाइन टिकट सेवा बंद

बीसीसीआई से एमपीसीए को एक मैच के करीब 3-5 करोड़ रुपए मिलते हैं|  इसके बावजूद एमपीसीए ऑनलाइन टिकट बिक्री के लिए मजबूत सर्वर तैयार नहीं कर पाया |2015 पहली बार इंदौर में ऑनलाइन टिकट बिक्री की गई| तब से अब तक ऑनलाइन टिकट व्यवस्था मजबूत नहीं हो पाई | वर्ष 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ और वर्ष 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए वन डे मैच की टिकट बिक्री के लिए ऑनलाइन सुविधा मुहैया कराई गई थी| लेकिन टिकट बुकिंग के पहले ही दिन ऑनलाइन व्यवस्था चरमरा गई| बुकिंग के दौरान साइट अचानक बंद हो गई| वहीं कुछ लोगों ने बताया कि, साइट बंद होने के बाद जब साइट दोबारा शुरू की गई तब तक सारी टिकट बुक हो चुकी थी| वहीं कुछ लोगों ने बताया कि, टिकट बुक करने के बाद भुगतान का विकल्प भी नहीं आ रहा था| साइट क्रेश होने के बाद जब लोगों ने नाराजगी जाहिर की तो वेबसाइट ने खुद गलती मानते हुए माफ़ी मांगी|

प्रशासन और बैंक अधिकारियों पर भी लगे आरोप

इस अव्यवस्था के चलते प्रबंधन अधिकारीयों पर कई सवाल उठे| उन पर आरोप लगाए गए कि, टिकटों की कालाबाजारी की गई है जिसमें उनका  हाथ है| कई लोगों ने आरोप लगाए कि, बैंक और प्रबंधन  के अधिकारीयों ने अपनी पहचान वालों को टिकट दे दिए हैं, जिस वजह से आम दर्शकों को टिकट नहीं मिल पाए | एमपीसीए के अधिकारीयों पर धोखाधड़ी के आरोप भी लगे| वर्ष 2017 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए वन डे मैच के सारे टिकट एमपीसीए ने तय तारीख़ से एक दिन पहले ही बेच दिए| इस वजह से एमपीसीए के सीईओ रोहित पंडित और सचिव मिलिंद कनमड़ीकर को बयान देने के लिए नोटिस भी जारी किये गए थे|

इस दौरान टिकटों की कालाबाजारी देखने को भी मिली थी| इंदौर में भारत के खिलाफ हुए साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के मैच की 500/- रुपए की टिकट 3500/- हजार रुपए तक बेची गयी  |

यह नहीं होने दे  प्रबंधन 

इंदौर में आयोजित होने वाले मैच के दौरान सबसे ज्यादा अव्यवस्था टिकट की बिक्री के दौरान होती है| अक्सर ऑनलाइन प्रणाली से दर्शक टिकट खरीद नहीं पाते हैं, वहीं बैंक के बाहर कतारों में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है| मैच के दौरान प्रवेश में भी लोगों को परेशानियां आती है| जब तक लोग अन्दर पहुंचते हैं मैच की पहली पारी शुरू हो चुकी होती है| ऐसे में उम्मीद यही है कि इस बार होलकर स्टेडियम प्रबंधन इन बातों का ध्यान रखेगा |आईपीएल के 11वें संस्करण के चार मैच इंदौर में क्रमशः 4,6,12 और 14 मई को खेले जाएंगे| उम्मीद यही है कि इस बार आईपीएल के दौरान बाहर से आने वाले दर्शक अपने मन में इंदौर की लेकर एक यादगार तस्वीर लेकर जाएंगे|

-ह्रदय कुमार नामदेव

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