वृद्धाश्रम घूमने पहुंची पोती को वहां मिली दादी, छलके आंसू और

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कहते हैं कि तस्वीरें सब कुछ बयां कर देती है| यह बात शायद सच भी है| आजकल सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर अपनी पूरी कहानी भावुकता के साथ सुना रही है| आजकल माता-पिता का क्या मोल है, यह उनके बच्चों से ज्यादा उनके नाती-पोते जानते हैं क्योंकि वे दादा-दादी का प्यार, कहानियां, उनके किस्से, उनके साथ खेलने का अनुभव सभी से वंचित रह जाते हैं| जो बच्चे अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम छोड़ जाते हैं, वे इस बात से अनजान रहते हैं कि कभी उनके साथ भी ऐसा हो सकता है| आइए जानते हैं तस्वीर की कहानी…

एक स्कूल की ओर से वृद्धाश्रम घूमने की योजना बनाई गई| इस तस्वीर में दिख रही छात्रा भी अपने दोस्तों के साथ वहां जाने को बेताब थी| सभी ने योजना बना ली थी कि वहां जाकर सभी से कैसे मिलेंगे, क्या बात करेंगे| उनमें से कई बच्चों के मन में यह प्रश्न भी उठा कि क्यों कोई दादा-दादी को वहां छोड़ आते हैं| इसके बाद भी सभी के मन में उत्साह था|

जब सारे बच्चे वृद्धाश्रम पहुंचे तो अपने साथ लेकर गई मिठाइयां और अन्य सामान बांटने की तैयारी करने लगे| तभी सभी स्कूली बच्चों में से एक छात्रा चौंक गई| जब तक उससे कोई कुछ पूछे, वह आश्रम की एक महिला से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी| वृद्ध महिला की आंखों से भी अश्रु की धारा बह रही थी| वहां मौजूद कोई कुछ नहीं समझ पा रहा था| छात्रा ने रोते हुए सभी को बताया कि वह महिला उसकी दादी है| यह सुन छात्रा और उसकी दादी के साथ वहां मौजूद लगभग सभी लोगों की आंखों से आंसू छलक गए| छात्रा अपनी दादी से लिपटकर रोते हुए कहती है कि उसने जब मम्मी-पापा से पूछा तो उन्होंने बताया कि दादी रिश्तेदार के घर गई हैं| भावुक क्षण की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है| वहीं इस तस्वीर के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि इसे एक पत्रकार ने 11 साल पहले  यानी वर्ष 2007 में खींची थी| उनके अनुसार यह गुजरात के अहमदाबाद के मणिनगर का मामला है|

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