अवसर हमेशा है सामने, उसकी पहचान है ज़रूरी

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एक बार एक ग्राहक फोटो की दुकान पर गया|  उसने वहां अजीब से चित्र देखे| पहले चित्र में चेहरा पूरी तरह बालों से ढंका हुआ था और पैरों मे पंख थे| एक दूसरे चित्र में सिर पीछे से गंजा था|

ग्राहक ने पूछा – यह चित्र किसका है?

दुकानदार ने कहा – अवसर का|

ग्राहक ने पूछा – इसका चेहरा बालों से ढंका क्यों है?

दुकानदार ने कहा – अक्सर जब अवसर आता है तो मनुष्य उसे पहचानता नहीं है|

ग्राहक ने पूछा – और इसके पैरों में पंख क्यों हैं?

दुकानदार ने कहा – वह इसलिए कि यदि इसका उपयोग न हो तो यह तुरंत उड़ जाता है|

ग्राहक ने पूछा – और यह दूसरे चित्र में पीछे से गंजा सिर किसका है?

दुकानदार ने कहा – यह भी अवसर का है| यदि अवसर को सामने से ही बालों से पकड़ लेंगे तो वह आपका है|यदि आपने उसे थोड़ी देरी से पकड़ने की कोशिश की तो पीछे का गंजा सिर हाथ आएगा और वह फिसलकर निकल जाएगा| वह ग्राहक इन चित्रों का रहस्य जानकर हैरान था, पर अब वह बात समझ चुका था|

लोग कई बार कहते हैं  कि ’हमें अवसर ही नहीं मिला’, लेकिन यह अपनी जिम्मेदारी से भागने और अपनी गलती को छिपाने का बस एक बहाना है| भगवान ने हमें ढेरों अवसरों के बीच जन्म दिया है| अवसर हमेशा हमारे सामने से आते-जाते रहते हैं, पर हम उसे पहचान नहीं पाते या पहचानने मे देर कर देते हैं| कई बार हम सिर्फ इसलिए चूक जाते हैं क्योंकि हम बड़े अवसर की ताक में रहते हैं| अवसर बड़ा या छोटा नहीं होता है| हमें हर अवसर का भरपूर उपयोग करना चाहिए|

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