Jeevan Mantra : महापुरुषों के 15 महान विचार

0

हम जो दुनिया के जंगलों के साथ कर रहे हैं वो कुछ और नहीं बस उस चीज का प्रतिबिम्ब है जो हम अपने साथ और एक दूसरे के साथ कर रहे हैं।

ईमानदार असहमति अक्सर प्रगति का एक अच्छा संकेत है।

भगवान का कोई धर्म नहीं है।

जब मैं निराश होता हूँ, मैं याद कर लेता हूँ कि समस्त इतिहास के दौरान सत्य और प्रेम के मार्ग की ही हमेशा विजय होती है। कितने ही तानाशाह और हत्यारे हुए हैं, और कुछ समय के लिए वो अजेय लग सकते हैं, लेकिन अंत में उनका पतन होता है। इसके बारे में सोचो- हमेशा।

आप जो भी करते है आपको तुच्छ लग सकता है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि आप कर सकते हैं।

महिला का वास्तविक आभूषण उसका चरित्र, उसका पवित्रता है।

मौन सबसे सशक्त भाषण है, धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।

आदमी की जरूरत के लिए नहीं बल्कि आदमी के लालच के लिए दुनिया में एक निर्भरता है।

थोडा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।

सभी धर्मों का सार एक है। केवल उनके दृष्टिकोण अलग हैं।

अहिंसा को दो प्रकार से विश्वास की जरूरत होती है, भगवन पर विश्वास और मनुष्य पर विश्वास।

कोई त्रुटी तर्क-वितर्क करने से सत्य नहीं बन सकती और ना ही कोई सत्य इसलिए त्रुटी नहीं बन सकता है क्योंकि कोई उसे देख नहीं रहा है।

अपनी गलती को स्वीकारना झाड़ू लगाने के समान है जो सतह को चमकदार और साफ़ कर देता है।

किसी के सर की रक्षा के लिए, किसी के कमर पर लटकने से तो अच्छा है, टूटे हुए सर के साथ खड़े रहें।

पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो। – महात्मा गांधी

जीवन मंत्र : ये है सफलता की कुंजी

Share.