दरियादिल आईएएस अफसर

0

आजकल सभी समस्याओं से इतने घिरे रहते हैं कि किसी और की मदद करने के बारे में विचार भी नहीं करते हैं, लेकिन आज भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो कुछ ऐसा कर जाते हैं, जिससे मिसाल कायम हो जाती है| आज हम एक ऐसे ही दरियादिल आईएएस अफसर के बारे में बता रहे हैं जिनसे एक बुजुर्ग महिला का दर्द नहीं देखा गया|

तमिलनाडु के करूर जिले के कलेक्टर टी.अंबाजगेन को जब पता चला कि उनके क्षेत्र में 80 वर्ष की एक बूढ़ी मां अकेली रहती है, जिसके बारे में पूछने वाला कोई नहीं है और न ही उनके पास खाने-पीने और जीने के पर्याप्त साधन हैं| यह जानकर दरियादिल आईएएस अफसर ने पत्नी से खाना बनवाया और टिफिन लेकर बूढ़ी मां के पास पहुंच गया| जिस बूढ़ी माता से पास-पड़ोस के लोग आंखें फेरे थे, कुछ ही पल में उनकी झोपड़ी के सामने जिले का सबसे रसूखदार अफसर मेहमान के तौर पर खड़ा नजर आता है| वृद्धा समझ नहीं पाई कि क्या माजरा है|

डीएम महिला के घर पहुंचे और कहा कि चलिये खाना खाते हैं| घर में बर्तन की कमी होने के कारण महिला ने कहा कि साहब हम तो केले के पत्ते पर ही खाते हैं। डीएम ने कहा-अति उत्तम, आज मैं भी पत्तों पर खाना खाऊंगा| इसके बाद दोनों ने खाना खाया|

जाते-जाते डीएम ने महिला को वृद्धावस्था की पेंशन के कागजात सौंप दिए और कहा कि आपको बैंक जाने की जरूरत नहीं है, आपके पास ही रुपए पहुंचा दिए जाएंगे| कलेक्टर टी.अंबाजगेन का कार्य सराहनीय है| उन्होंने जो किया, वैसा यदि सभी अधिकारी करते हैं तो निश्चित ही कोई गरीब भूखा नहीं सोएगा|

Share.