14 देशों में करेंगे अंगदान के लिए जागरूक

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हर इंसान की जिंदगी में ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जहां वह पूरी तरह परेशान हो जाता है, जिससे उबरना आसान नहीं होता और उससे उबरने के बाद जो लोग स्थिति से सबक लेना जानते हैं, वे निजी और सार्वजनिक जीवन में किसी रीयल हीरो से कम नहीं होते हैं|   ऐसे ही हैं मुंबई के एक शख्स शेखर चिलाना। शेखर ने अपने अनुभवों से सीख लेते हुए अंगदान के प्रति जागरुकता फैलाने का संकल्प लिया और इसके लिए अब वे मुंबई से लंदन तक का सफर सड़क के रास्ते से तय करेंगे|

दरअसल उनकी बेटी का गुर्दा ख़राब हो गया था, जिससे उनकी बेटी की ज़िंदगी खतरे में थी| उनके  दामाद ने गुर्दा दान पर उनकी बेटी की ज़िंदगी बचाई। इसके बाद उन्हें प्रेरणा मिली कि दुनिया में ऐसे कई जरूरतमंद लोग होते हैं, जिन्हें अपनी ज़िंदगी के लिए अंगों की जरूरत होती है, लेकिन उन्हें अंग नहीं मिल पाते हैं क्योंकि लोग अंगदान करने से डरते हैं|

अब वे लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित करने के लिए पूरे विश्व की यात्रा करेंगे| शेखर चिलाना ने मुंबई से अपने सफर की शुरुआत कर दी है। अब वे लंदन तक की 23 हज़ार किलोमीटर की यात्रा सड़क के रास्ते तय करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य सिर्फ लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक करना है, जिससे जरूरतमंद लोगों को आसानी से अंग मिल सकें। शेखर अपनी टीम के साथ इस यात्रा के दौरान 14 देशों में जाएंगे और अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लोगों को संदेश देकर जागरूक करेंगे। गौरतलब है कि शेखर अभी मुंबई में बतौर बैंकर नौकरी करते हैं|

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