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अब मक्का मस्जिद फैसले पर राजनीति

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हैदराबाद के मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में आज कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया| कोर्ट ने सबूतों के अभाव का हवाला देते हुए असीमानंद सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया है| बता दें कि 2007 में मक्का मस्जिद में हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई थी और 58 लोग घायल हुए थे| इस घटना के 10 आरोपी थे, जिनमें से आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिनमें असीमानंद का नाम प्रमुख था|

इस फैसले पर राजनीतिक बयानों ने जोर पकड़ लिया है| ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि न्याय नहीं मिला| असदुद्दीन ओवैसी  ने इसे लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी  पर हमला बोला है| ओवैसी ने NIA को बहरा और अंधा तोता करार देते हुए केस में राजनीतिक दखल का आरोप लगाया।

ओवैसी ने ट्वीट के जरिये कहा कि मामले की सही पैरवी नहीं की गई| ओवैसी ने कहा ‘जून 2014 के बाद मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस मामले में अधिकतर गवाह अपने बयान से पलट गए। NIA ने केस की पैरवी उम्मीद के मुताबिक नहीं की या फिर ‘राजनीतिक मास्टर’ द्वारा उन्हें ऐसा करने नहीं दिया गया। आपराधिक मामले में जब तक ऐसी पक्षपाती चीजें होती रहेंगी, तब तक न्याय नहीं मिलेगा।’

कांग्रेस ने भी जांच एजेंसी पर सवाल उठाए हैं| कांग्रेस ने फैसले की कड़ी निंदा की| वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने यूपीए सरकार के कार्यकाल में ‘भगवा आतंकवाद’ शब्द गढ़ने को लेकर पूर्व गृहमंत्री पी.चिदंबरम को निशाने पर लिया| उन्होंने चिदंबरम पर केस दर्ज करने की मांग की है|

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