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अंतर्विरोध से त्रस्त होकर थेरेसा ने दिया इस्तीफ़ा

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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे के खिलाफ दिसम्बर 2018 में संसद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था| थेरेसा के खिलाफ उनकी पार्टी के 48 सांसदों ने अविश्वास-पत्र दिया था। बाद में थेरेसा मे ने विश्वास मत जीत लिया था। कंजरवेटिव पार्टी के कुल 317 सांसदों में से 200 ने उनके पक्ष में मत किए वहीं 117 वोट उनके खिलाफ पड़े। तब थेरेसा ने परिणाम घोषित होने के बाद कहा था कि वे समर्थन के लिए शुक्रगुज़ार हैं , परंतु अब उन्होंने अंतर्विरोध से त्रस्त होकर स्वयं ही इस्तीफ़ा दे दिया है|

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दरअसल, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन नई सरकार चुने जाने तक वे पद पर बनी रहेंगी। थेरेसा मे 7 जून को इस्तीफा देंगी। यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने को लेकर यानी ब्रेक्जिट विधेयक पर थेरेसा मे अपनी ही कंजरवेटिव पार्टी के भीतर विरोध का सामना कर रही थीं।

गुरुवार को ब्रेक्जिट विधेयक पर हंगामा होने पर इसे पास करवाने के लिए मतदान की तारीख को आगे खिसकाना पड़ा था। ब्रिटेन सरकार के व्हिप मार्क स्पेंसर ने ब्रिटिश पार्लियामेंट के निचले सदन हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा था कि छुट्टियों के बाद जून में जब फिर संसद का सत्र शुरू होगा तब ब्रेक्जिट विधेयक के प्रकाशन और उस पर चर्चा के लिए सांसदों को इत्तला दे दी जाएगी|
अटकलें लगाई जा रही थीं कि शुक्रवार को संसद में ब्रेक्जिट विधेयक पेश किया जाएगा।

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रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्पेंसर ने हाउस ऑफ कॉमन्स में कहा, ”उम्मीद है कि दूसरी बार सात जून को विधेयक पर हम विचार करेंगे। फिलहाल इस पर एक आम सहमति नहीं बन पाई है। निश्चित तौर पर छुट्टियां खत्म होने के बाद हम सदन को इसे लेकर नई जानकारी देंगे। इसके थोड़ी देर बार थेरेसा मे के कार्यालय से विज्ञप्ति जारी की गई कि सरकार ब्रेक्जिट को पूरा जरूर करेगी।“

द गार्जियन की खबर के मुताबिक, थेरेसा मे ने भावुक होकर कहा, ”ब्रिटेन की दूसरी महिला प्रधानमंत्री बनकर देश की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही।” थेरेसा ने देश के प्रति आभार व्यक्त किया।

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बता दें कि थेरेसा के सामने ब्रेक्ज़िट मामले में चुनौतियां तब शुरू हुईं जब संसद के 48 कंज़र्वेटिव सदस्यों ने 1922 की समिति के समक्ष वोट मांगने के लिए पत्र प्रस्तुत किए थे। थेरेसा ने पीएम बनने के कुछ दिनों बाद ही यूरोपीय संघ छोड़ने के लिए वोट किया था, जिस वजह से उनकी काफी आलोचना हुई थी।

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