जामिया मिल्लिया में छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज के वायरल वीडियो का सच यह है

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जामिया मिल्लिया इस्लामिया की लाइब्रेरी में छात्रों के ऊपर पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो वायरल (CAA protest video) हुआ है। वीडियो वायरल होते ही इसने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी। वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर चौतरफा तीखे हमले होने लगे. दिल्ली पुलिस ने कहा कि वीडियो (CAA protest video) की जांच की जा रही है. जामिया यूनिवर्सिटी (Video of Jamia Millia Islamia violence) के प्रशासन ने अपने हाथ खड़े कर दिए कि उन्होंने ये वीडियो जारी नहीं किया. इस वीडियो के बारे में पता चला कि ये जामिया के छात्रों के एक संगठन जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी को कहीं से मिला था. वीडियो के सही होने के दावे किए जा रहे हैं और ये दिखाया गया कि कैसे पुलिस लाइब्रेरी के अंदर घुसकर छात्रों को पीट रही है.

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https://twitter.com/Jamia_JCC/status/1228772837583753216

हालांकि इस वीडियो के बाद अमित शाह (BJP Loader Amit Shah) ने दिल्ली का पुलिस का पक्ष रखते हुए उन्हें संदेश भी दिया है। इधर, यूनिवर्सिटी ने रविवार को स्पष्ट किया कि उसने नया वीडियो जारी नहीं किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में 15 दिसंबर को विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी में छात्रों को अर्धसैनिक बल और पुलिस कर्मियों की वर्दी में पिटाई करते हुए दिखाया गया है। इधर वीडियो पर अमित शाह (Amit Shah Statement) ने कहा कि पुलिस को पूरे मामले में शांत रहना होगा। उन्होंने आगे कहा कि गुस्से और उकसावों के बाद भी दिल्ली पुलिस को शांत बने रहना चाहिए, लेकिन उसे लोगों की रक्षा के लिए शरारती तत्वों के साथ सख्ती से निपटने के लिए भी तैयार रहना चाहिए।

क्या है वीडियो में-

48 सेकंड का वीडियो, जो एक सीसीटीवी फुटेज प्रतीत होता है, कथित तौर पर अर्धसैनिक बल और पुलिस के कुछ सात से आठ लोगों को दिखाता है, जो ओल्ड रीडिंग हॉल में प्रवेश करते हैं और पढ़ाई कर रहे छात्रों को डंडों से पिटाई करते हैं। इस दौरान अर्धसैनिक और पुलिस की वर्दी अपना चेहरा ढंके होते हैं। इस दौरान छात्र पुलिस और अन्य लोगों की पिटाई के दौरान इधर-उधर भागते हैं। कुछ छात्र चिल्लते हुए बाहर भागने का प्रयास भी करते दिख रहे।

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यूनिवर्सिटी ने दी सफाई-

यूनिवर्सिटी के पीआरओ अहमद अजीत ने कहा कि हमारे संज्ञान में आया है कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया की डॉ. जाकिर हुसैन लाइब्रेरी में पुलिस की बर्बरता के संबंध में कुछ वीडियो वायरल हैं। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह वीडियो यूनिवर्सिटी ने जारी नहीं किया है। वीडियो को जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी द्वारा जारी किया गया है, जिसमें जामिया के छात्र और पूर्व छात्र शामिल हैं।

थोड़ी देर बाद दूसरा वीडियो हुआ वायरल-

इधर एक और वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो से पहले एक वीडियो जिसमें पुलिस छात्रों को मारते नजर आ रही है इस वीडियो को उससे पहले का इसे बताया जा रहा है। इसमें कुछ छात्र हाथ में पत्थर लिए दिख रहे हैं। छात्र लाइब्रेरी में घुसने के बाद लाइब्रेरी का दरवाजा बंद कर देते हैं। इसके बाद दरवाजे को बंद करने के बाद लाइब्रेरी के मेन गेट पर कंप्यूटर डेस्क को भी घसीट कर लगा देते हैं, ताकि गेट को कोई खोल ना सके। इस मामले में क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। इस बार का वीडियो 29 सेकेंड का सीसीटीवी फुटेज है। इससे पहले का वीडियो 49 सेकेंड का था। बता दें कि साल 2019 के दिसंबर महीने में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान 15 दिसंबर की रात को दिल्ली पुलिस पर जबरन यूनिवर्सिटी के अंदर घुसर कर छात्रों को मारने का आरोप लगया। इसके बाद जामिया प्रशासन ने इस पर सख्त ऐतराज जताया और कहा कि यह सरासर गलत है। दिल्ली पुलिस के पास शिकायत देते हुए इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

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-मृदुल त्रिपाठी

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