जेपी नड्डा ने लगाया ये गंभीर आरोप!

0

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के बोल अब लगातार बिगड़ते ही जा रहे है. केंद्र की मोदी सरकार के दंभ में नड्डा को देखकर लगता है वें बयानबाजी का नया कीर्तिमान बनाने का मन बना चुके है. मोदी को भगवान् तक कह देने वाले नड्डा चीन के मसले पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भारत का भूगोल याद दिला रहे है. मोदी सरकार का बचाव करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ओर से कांग्रेस पर हमला करते हुए नद्दा ने अब प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड (पीएमएनआरएफ) से राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा डोनेट करने का आरोप लगाया है.

सच्ची खबर : कोरोनिल और डॉक्टर मुजाहिद हुसैन के आयुष मंत्रालय से निलंबन की खबर का सच

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, ‘संकट में लोगों की मदद करने के लिए बना पीएमएनआरएफ, यूपीए के कार्यकाल में राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे दान कर रहा था. पीएमएनआरएफ बोर्ड में कौन बैठा? सोनिया गांधी. राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्षता कौन करता है? सोनिया गांधी. यह पूरी तरह से निंदनीय है.’

Bjp President Jp Nadda Attacks On Rahul Gandhi And Congress ...

जेपी नड्डा ने कहा, ‘भारत के लोगों ने जरूरतमंदों की मदद करने के लिए अपनी मेहनत की कमाई को पीएमएनआरएफ को दान कर दिया. इस सार्वजनिक धन को परिवार चलाने की बुनियाद में इस्तेमाल करना न केवल एक संगीन धोखाधड़ी है, बल्कि भारत के लोगों के लिए एक बड़ा धोखा भी है.

20 वें दिन भी बढ़ी पेट्रोल डीजल की कीमतें

‘कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए जेपी नड्डा ने कहा, ‘पैसे के लिए एक परिवार की भूख ने देश को बर्बाद किया. अगर केवल उन्होंने अपनी ऊर्जा को अधिक रचनात्मक एजेंडे के लिए समर्पित किया है. कांग्रेस के शाही राजवंश ने आत्म-लाभ के लिए अनियंत्रित लूट की, इसके लिए उन्हें माफी मांगने की जरूरत है.’

रविशंकर प्रसाद भी कम नही-

इससे पहले केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन ने पैसे दिए. उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ये बताए की ये प्रेम कैसे बढ़ गया. इनके कार्यकाल में चीन हमारी जमीन पर कब्जा कर लिया. कांग्रेस स्पष्ट करे कि इस डोनेशन के लिए क्या सरकार से मंजूरी ली गई थी?

टेस्ट में नाकामयाब हुई रामदेव की कोरोनिल, परिक्षण कर रहे NIMS का बड़ा बयान    

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए डोनर की सूची है 2005-06 की. इसमें चीन के एम्बेसी ने डोनेट किया ऐसा साफ लिखा है. ऐसा क्यों हुआ? क्या जरूरत पड़ी? इसमें कई उद्योगपतियों,पीएसयू का भी नाम है. क्या ये काफी नहीं था कि चीन एम्बेसी से भी रिश्वत लेनी पड़ी. उन्होंने कहा चीन से फाउंडेशन को 90 लाख की फंडिंग हुई है.

Share.