चीन के निशाने पर अब भारतीय सेटेलाइट, अंतरिक्ष युद्ध की तैयारी में ड्रैगन

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चीन भारत के खिलाफ हर रोज नए षड्यंत्र रच रहा है .इसी क्रम में अब वह अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते खुलकर युद्ध करने से बचते हुए गोला-बारूद के इस्‍तेमाल की जगह तकनीकी युद्ध की नई चाल चलने जा रहा है. चीन अब भारत के संचार, मौसम, शिक्षा और बहुत सारी अन्य सैटेलाइट्स को निशाना बनाने की तैयारी में है.

सैटेलाइट्स का कंट्रोल हेक कर भारत पर साइबर हमले की तैयारी कर रहा है. हाल ही में एक अमेरिकी थिंक-टैंक की रिपोर्ट आई है जिसमें कहा गया है क‍ि चीन ने भारतीय सैटेलाइट्स पर कई बार हमले किए हैं. यह हमले सैटेलाइट्स नष्‍ट करने के लिए नहीं, बल्कि उसका कंट्रोल हासिल करने के लिए किए गए .

किसी सैटेलाइट को खत्‍म करने को सैटेलाइट वारफेयर कहा जाता है.ऐंटी-सैटेलाइट (ASAT) वेपंस का इस्‍तेमाल सैटेलाइट्स को नष्‍ट करने के लिए किया जाता है. भारत के अलावा अमेरिका, रूस और चीन ने ही ASAT मिसाइल के सफल टेस्‍ट किए हैं. भारत ने पिछले साल ‘मिशन शक्ति’ के तहत ASAT का टेस्‍ट किया था. आमतौर पर ASAT मिसाइल में एक ‘किल वेहिकल’ होता है जिसका अपना गाइडेंस सिस्‍टम होता है.मिसाइल जैसे ही वायुमंडल से बाहर निकलती है, किल वेहिकल अलग हो जाता है और टारगेट को बिना किसी विस्‍फोटक के रफ्तार से ही सैटेलाइट्स के टुकड़े-टुकड़े कर देता है.

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हालांकि आज तक किसी देश ने एक दूसरे के ऊपर इस हथियार का उपयोग नहीं किया है .अगर चीन भारत के खिलाफ ऐसा करता है तो यह दुनिया का पहला अंतरिक्ष युद्ध भी होगा.

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