इंदौर में मालवा थिएटर के आयोजन ने बांधा समां

0

मालवी बोली के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में पहल करते हुए ‘मालवा थियेटर’ इंदौर द्वारा गुरुवार को माई मंगेशकर सभागृह में दो मालवी नाटकों ‘प्रजातन्त्र का घाट प’ तथा ‘धनखेंचूं महाराज’ का मंचन किया गया। दोनों ही नाटकों में समाज की वास्तविक स्थिति को चुटीले अंदाज़ में बयां करने की कलाकारों ने कोशिश की।

मनोहर दुबे द्वारा लिखित पहले नाटक ‘प्रजातन्त्र का घाट प’ का निर्देशन सीमा व्यास और रूप्पल मण्डलोई ने किया। इस नाटक में आजादी के बाद सामाजिक और राजनीतिक सरोकारों से दूर हो रही नई पीढ़ी को पलायन नहीं करने तथा शहीदों के स्वप्न साकार करने की उनकी जवाबदेही का स्मरण करवाया गया । चुनाव प्रचार एवं मतदान केन्द्र पर होने वाली रोचक घटनाओं ने नाटक में दर्शकों को खूब हंसाया।

नाटक में जयश्री व्यास, पंकज उपाध्याय, अनिल व्यास, एसएन त्रिवेदी, अलका व्यास, राजेश मण्डलोई, विभा दुबे, प्रणामिका तिवारी, अर्चना मण्डलोई, मनीष दुबे, ओपी व्यास, मिनोरी त्रिवेदी, संजय व्यास, मनोहर दुबे आदि ने भूमिकाएं निभाई।

दूसरे मालवी नाटक ‘धनखेंचूं महाराज’ का निर्देशन रामगोपाल जोशी तथा सन्तोष जोशी ने किया। इसके लेखक थे मनोहर दुबे। इसमें भोली-भाली जनता के साथ धर्म के नाम पर होने वाली लूट पर कटाक्ष किया गया । धनखेंचू महाराज एक कथावाचक हैं, जो विभिन्न हथकण्डे अपनाकर धर्मप्रेमी जनता से धन ऐंठते हैं।

कलाकार थे- सुषमा दुबे, मनोरमा जोशी, जयेन्द्र दुबे, सन्तोष नायक, मनोहर दुबे, ओपी व्यास, कृति मण्डलोई, राजेश मंडलोई, अलका व्यास, रूप्पल मण्डलोई। दर्शकों ने दोनों नाटकों का खूब आनन्द लिया। संचालन डॉ. दीपा व्यास ने किया ।

-प्रेषक- मनोहर दुबे,  समन्वयक,  मालवा थिएटर

Share.