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मोदी ने कांग्रेस को किया उत्साहमुक्त

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टेस्ट मैच में राहुल द्रविड़ जब एक बार क्रीज़ पर जम जाते थे तो किसी भी गेंदबाज को उन्हें आउट करने का कोई तरीका नहीं मिल पाता था। द्रविड़ लगातार गेंद पर गेंद छोड़ते जाते और अचानक किसी गेंद पर हिट करके चौका लगा देते थे। द्रविड़ की बल्लेबाजी गेंदबाजों के लिए सब्र का इम्तिहान होती थी। आखिर में गेंदबाज को यह समझ आ जाता था कि द्रविड़ आउट होंगे तो अपनी ही गलती से। गेंदबाज को यह यकीन हो जाता था कि कोशिश करके उन्हें आउट नहीं किया जा सकता। गेंदबाजों का यह नकारात्मक रवैया द्रविड़ के लिए संजीवनी की तरह काम करता था। उनके साथ-साथ दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज भी इस बात का फायदा उठाते और रनों की बरसात कर देते थे।

एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में सोनिया गांधी यह कहती दिखी कि भाजपा के ‘अच्छे दिन’ के नारे की हालत भी ‘शाइनिंग इंडिया’ की तरह हो जाएगी। सोनिया गांधी फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर हैं और इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष का पद भी उन्होंने अपने बेटे को सौंप रखा है। सोनिया गांधी जब राजनीति में आई थीं, तब से वे कांग्रेस को निरंतर नई ऊंचाइयों पर ले गईं। राज्य दर राज्य कांग्रेस जीतती चली गई, लेकिन उनके बेटे के नेतृत्व में कांग्रेस जीत को तरस गई है।

ऐसे में सोनिया गांधी का यह बयान कि ‘अच्छे दिन’ का हाल ‘शाइनिंग इंडिया’ जैसा होगा, सुनने के बाद लगा कि कांग्रेस का आत्मविश्वास इतना कम हो गया है कि वे यह मान चुके हैं कि मोदी सरकार जाएगी तो खुद की गलतियों से। कांग्रेस और विपक्षी दल मिलकर भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते हैं। कांग्रेस के इसी लाचार रवैये से भाजपा का काम और आसान हो गया है। एक पंजाब और कर्नाटक को छोड़ दो तो कांग्रेस देश में ढूंढे नहीं मिलेगी।

राहुल द्रविड़ की तरह ही नरेंद्र मोदी की राह आसान करने का काम कांग्रेस ने कर दिया है। मोदी हर आरोप पर चुप रहकर गेंद दर गेंद छोड़ते जाते हैं, लेकिन मौका आते ही गेंद को बाउंड्री पर पहुंचा रहे हैं। लगातार ऐसा होने से खुद को यह यकीन दिलाने में कांग्रेस कामयाब हो गई है कि मोदी सरकार को वह लाख कोशिश करके भी नहीं हटा पाएगी। इसलिए उनके कार्यकर्ता यह सोचने लगे हैं कि क्यों बेवजह मेहनत की जाए? कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के इसी लचर रवैये का परिणाम है कि राज्यों की इकाई भी उत्साहहीन हो गई है। मोदी सरकार के आत्मविश्वास का दूसरे छोर पर खड़े बल्लेबाज भी बखूबी फायदा उठा रहे हैं। कांग्रेस सहित विपक्ष में छाई निराशा का फायदा भाजपा उन राज्यों में भरपूर उठा रही है, जहां चुनाव है। इसी आत्मविश्वास से भाजपा राज्यों को फतह करती चली जा रही है।

“वन साइडेड क्रिकेट मैच” की तरह ही यह मुकाबला उबाऊ हो चला है। भारत “कांग्रेसमुक्त” होगा या नहीं ये वक्त बताएगा, लेकिन इतना तो कहना पड़ेगा नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को “उत्साहमुक्त” जरूर कर दिया है।

-सचिन पौराणिक

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