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पूजा के लिए मैंने बदला मुहर्रम का समय : योगी

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लोकसभा चुनाव (lok sabha election 2019)  के अंतिम चरण में पश्चिम बंगाल (Yogi Adityanath in Barasat ) में बवाल मचा हुआ है। भाजपा (BJP ) और टीएमसी (TMC ) के बीच की जंग आरपार की लड़ाई में बदल गई है। भाजपा के सभी बड़े नेता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के गढ़ में जाकर निशाना साध रहे हैं। मंगलवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) की रैली से शुरू हुई लड़ाई थमने का नाम ही नहीं ले रही है।

19 मई को पश्चिम बंगाल की नौ सीटों पर होने वाले मतदान से पहले भारतीय जनता पार्टी भी प्रचार में कोई कमी नहीं रखना चाह रही है। अमित शाह के बाद अब उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath in Barasat ) पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। उन्होंने बारासात में रैली को सम्बोधन के दौरान कहा कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में होने वाली रैली का मंच तोड़ दिया। जो मंच बना रहे थे उनके साथ भी मारपीट की गई है, लेकिन इसके बावजूद बीजेपी अड़ गई है और योगी आज कोलकाता में रैली करेंगे।

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बारासात में जमकर बरसे योगी (Yogi Adityanath in Barasat )

सीएम योगी (Yogi Adityanath in Barasat ) ने सीएम बनर्जी (Mamata Banerjee) पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी एक झूठ बोलने के लिए कई झूठ बोल रही हैं, ममता की सरकार दंगे भड़का रही है इसकी एक्सपाइरी तारीख निश्चित है। टीएमसी के गुंडों ने अमित शाह (Amit Shah Road Show) के रोड शो में जो हमला किया, उससे वे इस सरकार की अंतिम ताबूत बनने जा रही है। इनको सिर छुपाने की जगह नहीं मिलेगी। टीएमसी जिनको समर्थन कर रही है वही लोग मूर्ति पूजा को नहीं मानते। उनके गुंडे  ही मूर्ति को तोड़ रहे हैं, इन्होंने ही ईश्वरचंद विद्यासागर की मूर्ति को तोड़ा। ये लोग जय श्री राम के नारे पर भी रोक लगा रहे हैं, ये दुर्गा पूजा और सरस्वती पूजा करने से दिक्कत है। मैंने यूपी में पूजा का समय नहीं बदला लेकिन मोहर्रम-ताजिया के जुलूस का समय बदलवा दिया था।

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मैं बच नहीं पाता : अमित शाह

सीएम योगी के पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने रैली में हुई हिंसा के बारे में कहा था कि हम शांति से रोड शो निकाल रहे थे, लेकिन तीन हमले हुए। हमारे पास खबर थी कि यूनिवर्सिटी से कुछ लोग आएंगे और पथराव करेंगे। अगर सीआरपीएफ न होती तो मेरा बचकर आना नामुमकिन था। दीदी से अपील करता हूं कि अगर कुछ छिपाना नहीं है, तो किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराएं। चुनाव के दौरान हिंसा को रोकने के लिए पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की 713 कंपनियां और कुल 71 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। राज्य में हर चरण के चुनाव के बाद हिंसा बढ़ती जा रही है।

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