2008 के होटल हमले मामले में राज ठाकरे बरी

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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (maharashtra navnirman sena) के अध्यक्ष राज ठाकरे (Raj Thackeray) को आज यानी बुधवार को कोर्ट से राहत मिली है। साल 2008 में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक होटल पर किए गए हमले के सिलसिले में नासिक जिले (Nashik) की एक अदालत ने बुधवार को मनसे प्रमुख राज ठाकरे को बरी कर दिया है। ठाकरे पर आरोप था कि उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा कर नासिक जिले के इगतपुरी (Igatpuri) कस्बे में एक उत्तर भारतीय की ओेर से होटल पर हमला करने वालों को उकसाया था।

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राज ठाकरे के मामले पर सुनवाई के दौरान इगतपुरी की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता अपना  आरोप साबित करने में नाकाम रहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं ने आरोपियों को उकसाया। इस मामले में ठाकरे के साथ ही छह अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया था। लेकिन ठाकरे के मुकदमे को अलग कर चलाया गया और उनके खिलाफ पांच सरकारी गवाहों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान कई गवाह मुकर गए। वहीँ शिकायतकर्ता सबूत देने में नाकाम रहे। इसके बाद अब अदालत ने केस खत्म कर दिया और राज ठाकरे को बरी  कर दिया।

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मनसे प्रमुख ठाकरे के वकील सयाजी नांगरे का कहना है कि शिकायतकर्ता (होटल मालिक) ने अपनी गवाही में कहा कि ठाकरे कथित घटना वाली जगह पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद भी वे आरोप लगा रहे थे कि हमला को ठाकरे और उनके कार्यकर्ताओं ने उकसाया। शिकायतकर्ता कोई भी साक्ष्य नहीं पेश कर पाया, इसलिए केस खत्म हो गया।

राज ठाकरे ने हाल के लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद ट्विटर पर एक शब्द की प्रतिक्रिया दी थी – अनाकलनीय। चुनाव प्रचार के दौरान भी वे मोदी सरकार की खामियां ही गिनाते रहे। राज ठाकरे की पार्टी ने इस लोकसभा चुनावों में सीधे भाग नहीं लिया। उन्होंने अपना एक भी उम्मीदवार नहीं खड़ा किया, लेकिन पूरे राज्य में 10 बड़ी-बड़ी रैलियां करके भाजपा को हराने की अपील करते रहे। वह अपने मंच पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री मोदी से लेकर उनकी योजनाओं में खामियों तक का जिक्र करते रहे।

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