Hindi Kahani : आखिर हम दीपावली क्यों मनाते है

0

कहानी 1: श्री राम के वनवास से अयोध्या लौटने की ख़ुशी में

यह वो कहानी और करण है जो लगभग सभी भारतीय को पता है कि हम दिवाली श्री राम जी के वनवास से लौटने की ख़ुशी में मनाते हैं। मंथरा के गलत विचारों से पीड़ित हो कर भरत की माता कैकई श्री राम को उनके पिता दशरथ से वनवास भेजने के लिए वचनवद्ध कर देते हैं। ऐसे में श्री राम अपने पिता के आदेश को सम्मान मानते हुए माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ 14 वर्ष के वनवास के लिए निकल पड़ते हैं। वहीँ वन में रावण माता सीता को छल से अपहरण कर लेता है (Diwali Hindi Kahani 2019)। तब श्री राम सुग्रीव के वानर सेना और प्रभु हनुमान के साथ मिल कर रावण की सेना को परास्त करते हैं और श्री राम रावण का वध करके सीता माता को छुड़ा लाते हैं। उस दिन को दशहरे के रूप में मनाया जाता है और जब श्री राम अपने घर अयोध्या लौटते हैं तो पूरे राज्य के लोग उनके आने के ख़ुशी में रात्री के समय दीप जलाते हैं और खुशियाँ मनाते हैं। तब से उस दिन का नाम दीपावली के नाम से जाना जाता है।

भु धन दे निर्धन मत करना ,माटी को कंचन मत करना…..

कहानी 2: पांडवों का अपने राज्य में लौटना

आप ने महाभारत की कहानी तो सुनी ही होगी। कौरवों ने, शकुनी मामा के चाल की मदद से शतरंज के खेल में पांडवों का सब कुछ छीन लिया था और यहाँ तक की उन्हें राज्य छोड़ कर 13 वर्ष के लिए वनवास भी जाना पड़ा। इसी कार्तिक अमावस्या को वो 5 पांडव (युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव) अपने 13 वर्ष के वनवास से अपने राज्य लौटे थे (Diwali Hindi Kahani 2019)। उनके लौटने के ख़ुशी में उनके राज्य के लोगों नें दीप जला कर खुशियाँ मनाया। यह भी दीपावली मनाने का एक बहुत ही मुख्य कारण है।

Hindi Kahani : जब किसान के घर ठहर गईं मां लक्ष्मी

कहानी 3: राजा विक्रमादित्य का राज्याभिषेक

राजा विक्रमादित्य प्राचीन भारत के एक महान सम्राट थे (Diwali 2019)। वे एक बहुत ही आदर्श राजा थे और उन्हें उनके उदारता, साहस तथा विद्वानों के संरक्षणों के कारण हमेशा जाना है। इसी कार्तिक अमावस्या को उनका राज्याभिषेक हुआ था।

 

कहानी 4: माता लक्ष्मी का अवतार

हर बार दीपावली का त्यौहार हिन्दी कैलंडर के अनुसार कार्तिक महीने के “अमावस्या” के दिन मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन समुन्द्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी जी ने सृष्टि में अवतार लिया था। माता लक्ष्मी को धन और समृद्धि की देवी माना जाता है। इसीलिए हर घर में दीप जलने के साथ-साथ हम माता लक्ष्मी जी की पूजा भी करतें हैं।

कहानी 5: 6वें सिख गुरु की आजादी

इस त्यौहार को सिख समुदाय के लोग भी मनाते हैं अपने 6वें गुरु श्री हरगोविंद जी के ग्वालियर जेल से मुक्त होने पर जो मुग़ल सम्राट जहाँगीर की कैद में थे।

Hindi Kahani : लीडर एक खास किस्‍म का समझदार जंतु होता है

कहानी 6: इसी दिन भगवान् श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षश का संहार किया था

दीपावली का त्यौहार मनाने के पीछे एक और सबसे बड़ी कहानी है की इसी दिन प्रभु श्री कृष्ण ने नरकासुर राक्षस का वध किया था। नरकासुर उस समय प्रागज्योतिषपुर(जो की आज दक्षिण नेपाल एक प्रान्त है) का राजा था।

नरकासुर इतना क्रूर था की उसने देवमाता अदिति के शानदार बालियों तक को छीन लिया। देवमाता अदिति श्री कृष्ण की पत्नी सत्यभामा की सम्बन्धी थी (Kahaniyan)। नरकासुर ने कुल सोलह भगवान की कन्याओं को बंधित कर के रखा था।

श्री कृष्ण की मदद से, सत्यभामा ने नरकासुर का वध किया और सभी देवी कन्याओं को उसके चंगुल से छुड़ाया। यह भी दीपावली मनाने का एक मुख्य कारण है।

 

-Mradul tripathi

 

 

Share.