Hindi Kahani : महात्मा बुद्ध के आंसू का आशय

0

एक समय की बात है महात्मा बुद्ध भ्रमण कर रहे थे | लम्बे समय तक भ्रमण करने से वे थकान महसूस कर रहे थे | तभी रास्ते में एक आम का बगीचा आया | उसे देखा बुद्ध वह रुके और आराम किया | साथ ही उन्होंने वहां नीचे गिरे हुए मीठे आम भी खाए | वे सुस्ता ही रहे थे कि कुछ युवक वह आये और पत्थर मारकर पेड़ से आम तोड़ने लगे | पेड़ की दूसरी तरफ महात्मा बुद्ध आम खाने के बाद आराम कर रहे थे|

Hindi Kahani : ऐसा होता है नेक बंदा

अचानक एक युवक ने द्वारा फेंका गया एक पत्थर आराम कर रहे महात्मा बुद्ध के सर पर जा लगा | पत्थर की चोट से उनके माथे से खून की धार बह निकली |अब युवक डर गए थे और अपनी गलती के लिए महात्मा बुद्ध से क्षमा मांग रहे थे | बुद्ध की आंखों में आंसू देख वे लज्जित हुए | युवकों ने आँख से बहते आंसू को चोट से जोड़कर सोचा दर्द से महात्मा रो रहे है| वे उनके चरणों पर गिरकर उनसे क्षमा मांगने लगे | उनमें से एक ने कहा, ‘हमसे भारी भूल हो गई है|

Hindi Kahani : चांदी के बर्तन

Image result for buddha

हमने आपको पत्थर मारकर रुला दिया|’ इस पर बुद्ध ने कहा, ‘मित्रों, मैं इसलिए दुखी हूं, क्योंकि जब तुमने आम के पेड़ पर पत्थर मारा तो पेड़ ने बदले में तुम्हें मीठे फल दिए, लेकिन जब तुमने मुझे पत्थर मारा, तो मैं तुम्हें कुछ अच्छा देने के बजाय केवल भय और अपराधबोध ही दे सका|’ प्रसंग के माध्यम से बस इतना समझाने की कोशिश की जा रही है कि स्वाभाव में नेकी और भलाई का समावेश जरूर करें| बुरा बनना आसान है लेकिन अच्छे बने रहना इतना भी मुश्किल नहीं है| अभिषेक

Hindi Kahani : वर्षों लगे सीखने में

रहें हर खबर से अपडेट, ‘टैलेंटेड इंडिया’ के साथ| आपको यहां मिलेंगी सभी विषयों की खबरें, सबसे पहले| अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए आज ही डाउनलोड करें Download Hindi News App और रहें अपडेट| ‘टैलेंटेड इंडिया’ की ख़बरों को फेसबुक पर पाने के लिए पेज लाइक करें – Talented India News

Share.