Hindi Kahani : बच्चों को भ्रमित न करो

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कहानियां बच्चों को ही नहीं, हमे भी आगे बढ़ने के लिए और व्यवहार कुशल बनाने के लिए प्रेरित करती है। कहानियों में दिए गए सुझाव किसी को भी आसानी से समझ में आते हैं। कहानियों का महत्त्व समझें और सभी को समझाएं

आपने देखा होगा की कई बार हम छोटे बच्चों को किसी स्थान पर जाने से रोकने के लिए ऐसा कह देते हैं की फलां जगह पर बिलकुल मत जाना वहां तो भूत रहता है या चुड़ैल और डायन आ जाती है बच्चों को उठा कर ले जाती है। और बार बार ऐसा कह कर हम उस बच्चे के मन में जाने अनजाने रूप में एक भय का वातावरण पैदा कर देते हैं जिससे वो बच्चा उस जगह पर नहीं जाता और आपका जो भी कीमती सामान है वो सुरक्षित हो जाता है महफूज़ हो जाता है पर क्या आपने कभी ये सोचा है की उस कीमती सामान की सुरक्षा के चक्कर में हम अपने बच्चों के मन में अप्रत्याशित रूप से असुरक्षा की भावना पैदा कर देते हैं। उनके मन में डर पैदा कर देते हैं।

और इस डर से वो बच्चे जीवन भर बाहर नहीं निकल पाते और कई बार तो स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है जिससे वे सामान्य जीवन भी नहीं जी पाते। ऐसी कई स्थितियां हम बचपन से ही बच्चों के मन में डालते जाते हैं मसलन – तुमसे हो नहीं पायेगा। तुम तो रहने ही दो , ये तुम पर शोभा नहीं देता, वगैरह वगैरह। और ऐसा नहीं है की ये हम ही अपने बच्चों के साथ कर रहे हैं बल्कि कई मामलों में हम भी इन सबका शिकार हुए हैं क्योंकि जब हम छोटे थे तब हमारे बड़ों ने हम्रे भी मन में इस प्रकार के डर को डाला था. पर अब इन सबसे होता क्या है ? आइये आज आपको बताते हैं –

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आप कभी चिड़ियाघर गए होंगे वहां आपने बहुत सारे पशु पक्षी देखे होंगे उन्ही में से एक होता है चिड़ियाघर की शान जिससे शेर भी घबराता है और वो है गजराज याने की हाथी। तो आइये चिड़ियाघर के उसी हाथी से सीखते हैं आज जीवन की पाठशाला का

एक पाठ –

वो एक आदमी हाथी के शिविर के पास से घूम रहा था, और उन्होंने देखा कि हाथियों को पिंजरों में नहीं रखा गया था और ना ही चेन से बांधा गया था। जबकी उन्हें भागने के बचाने के लिए सिर्फ एक छोटी सी रस्सी के टुकड़े से बांधा गया था जिसे हाथी बड़े आराम से तोड़ सकता था। लेकिन फिर भी हाथी रस्सी को तोड़ने की बिलकुल भी कोशिश नहीं कर रहे इस बात से वो आदमी बहुत ही ज्यादा परेशान हो गया था और इस बात का जवाब जानने के लिए वो हाथी के trainer यानि महारथ के पास गया वो अपना सवाल उन्हें बताया।

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