Hindi Kahani : मूर्खराज बादशाह

0

बादशाह अकबर बीरबल को बहुत मानते थे। बीरबल बड़े बुद्धिमानी थे और अपनी विनोदपूर्ण बातों से बादशाह को प्रसन्न रखते थे। अकबर और बीरबल के विनोद की बहुत सी बातें प्रचलित हैं, उनमें से कुछ बातें बड़े काम की हैं। एक घटना हम यहां सुना रहे हैं। एक बार बादशाह अपने राज महल में गए बादशाह की सबसे प्यारी बेगम उस समय अपनी किसी सखी से बात कर रही थी। बादशाह अचानक जाकर उनके समक्ष खड़े हो गए, बेगम उठ खड़ी हुई और हंसती हुई बोली – “आइए! मूर्खराज।”

Hindi Kahani : खुद पर विश्वास रखो

बादशाह को बहुत बुरा लगा, लेकिन बेगम ने इससे पहले कभी बादशाह का अपमान नहीं किया था। बादशाह जानते थे, कि बेगम बुद्धिमती है! वह बिना कारण के ऐसी बात नहीं कह सकती। लेकिन बादशाह यह नहीं जान सके कि बेगम ने उन्हें मूर्खराज क्यों कहा और बेगम से पूछना बादशाह को अच्छा नहीं लगा। थोड़ी देर वहां रूककर वह अपने कमरे में चले आए। बादशाह उदास बैठे थे। तभी उसी समय बीरबल उनके पास आए। बीरबल को देखते ही बादशाह ने कहा – “आइए मूर्खराज।”

बीरबल हंसकर बोले – “जी! मूर्खराज जी।” बादशाह ने आंख चढ़ा कर कहा – “बीरबल! तुम मुझे मूर्खराज क्यों कहते हो।” बीरबल ने कहा – “मनुष्य पांच प्रकार से मूर्ख कहलाता है।

Hindi Kahani : छिपकली ने पढ़ाया रिश्तों का पाठ

पहला – यदि दो व्यक्ति अकेले में बात कर रहे हो और वहां कोई बिना बुलाए या बिना सूचना दिए जा कर खड़ा हो जाए तो उसे मूर्ख कहा जाता है।

दूसरा – यदि दो व्यक्ति बातचीत कर रहे हो और उसमें तीसरा व्यक्ति बीच में पड़ कर उनकी बात पूरी किए बिना बोलने लगे तो वह भी मूर्ख कहा जाता है।

तीसरा – कोई अपने से कुछ कह रहा हो तो उसकी पूरी बात सुने बिना बोलने वाला भी मूर्ख माना जाता है |

चौथा – जो बिना अपराध और बिना दोष के दूसरों को गाली दे और दोष लगाएं वह भी मूर्ख है |

शिक्षाप्रद कहानी – साहसी चिड़िया

और अंतिम वह है जो मूर्ख के पास जाए और मूर्खों का संग करें वह भी मूर्ख कहलाता है |”

बादशाह बीरबल के उत्तर से बहुत प्रसन्न हुए और उन्हें यह भी समझ आ गया कि  बेगम ने उन्हें मूर्ख क्यों कहा था। लोक हिंदी से साभार।

Share.