Hindi Kahani : “व्यक्ति की अभिव्यक्ति”

0

व्यक्ति की अभिव्यक्ति

अपने विचार व्यक्त करना अच्छी बात है। परंतु अपने हर विचार पर समर्थन की आशा बुरी बात है आपके विचार आपके अनुसार उचित्त है। परंतु जब आप अपने विचार सामूहिक रूप से व्यक्त करते है। तब वही विचार किसी के लिए उचित्त होते है किसी के लिए अनुचित होते है, किसी के लिए सही तो किसी के लिए गलत होते है।
इसका प्रमुख कारण यह है कि हर व्यक्ति का अपना अलग अलग अनुभव होता है। और उसी अनुभव के आधार पर उसके मस्तिष्क में विचारों का आवागमन होता है। और उसी अनुभव एव विचारों के आवागमन के आधार पर वह आपके व्यक्त किये हुए विचारों पर टिप्पणी करता है। जिसके फलस्वरूप किसी की टिप्पणी नकारात्मक एवं किसी की टिप्पणी सकारत्मक होती है आपके विचारों पर।
प्रायः व्यक्तियों को देखा जाता है यदि उनके अनुरूप उनके विचारों पर टिप्पणी न की जाए आलोचना कर दी जाये तो वह उस पर क्रोधपूर्वक प्रतिक्रिया देते है।
जैसे उदहारण स्वरुप- कृपया ज्ञान न बाटे , आपसे किसने कहा टिप्पणी करने के लिए मेरे विचारों पर , और कुछ प्रतिक्रियाओं में तो शब्द तक बिगड़ जाते है। तरह तरह से आक्रोश व्यक्त करते है अपने विचारों की आलोचना पर।
किन्तु यदि उन्हीं विचारों पर अगर उन्हें कुछ टिप्पणीकर्ताओं द्वारा प्रसंशा मिलती। तो वह प्रतिक्रिया भावविभोर होकर देते है गदगद होकर।
जैसे उदाहरण स्वरूप- हार्दिक धन्यवाद, अभिनन्दन , नमन, और कई तरह की हर्षपूर्ण आभार रहित प्रतिक्रिया देतेे है।।
परन्तु व्यक्ति को चाहिए अगर उसके विचारों की आलोचना भी हो रही है। तो वह उसका प्रतिउत्तर आदरपूर्वक विरोध करके दे। नाकि क्रोधपूर्वक विरोध करके। आदरपुरक विरोध में शब्द एव सम्मान की गरिमा बनी रहती है। परन्तु क्रोधपूर्वक विरोध में शब्द एव सम्मान
दोनों के बिगड़ने का खतरा रहता है।
मुख्यतः आपके विचारों पर होने वाली आलोचनाएं दो प्रकार की होती है। एक सच्ची आलोचना एव दूसरी झूठी आलोचना परन्तु जो व्यक्ति है हर पल सीखने की चाह रखते है। वह सच्ची आलोचनाओं से खुद के व्यक्तिव में सुधार करते है और खुद को बेहतर बनाते है। एवं झूठी आलोचनाओं पर आदरपूर्वक विरोध करते है। कहने का तात्पर्य यह है कि हर संभव स्थिति में अपने शब्दों पर सयंम एव सामने वाले के सम्मान की गरिमा बनाये रखना चाहिए।।
“”व्यक्त किये गए विचार आपके व्यक्तित्व को दर्शाते है।
एव विचारों पर प्रसंशा आपका आत्मविश्वास बढाती है।
और आलोचना आपके व्यक्तित्व को निखारने में सहायक होती है।””

Poems In Hindi : ठिठक कर भागते चेहरे

written by -मृदुल त्रिपाठी

Share.