Hindi Kahani : अहसास

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परी इधर आओ बेटा । अच्छा ये बताओ आज स्कूल में क्या क्या किया ? कौन से खेल खेले ?बस में सब ठीक रहा ? अब तो भैया पीछे आकर नही बैठते ना??? सीमा एक साँस में सारे प्रश्न पूछ बैठी ।
परी ने मासूमियत से कहा -माँ इतने सारे प्रश्न क्यों पूछ रहे हों अब मैं बड़ी हो गयी हूँ न सात साल की हो गयी हूँ । बहुत से गेम खेले , और भैया तो कभी कभी आते हैं कुछ पूछने ।
परी बेटी बताओ कि तुमको गुड टच बेड टच पता है?

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हाँ माँ टीचर ने बताया और कहा कि कोई बेड टच करे तो जोर से चिल्लाना , बड़ो को बताना , छुपाना नही ।
वेरी गुड तो अब तुम भी कुछ मत छुपाना ओके
ओके माँ , अरे माँ ये आपको क्या हुआ , आपके हाथ पर पीठ पर ये नीले लाल निशान कैसे हो गए ?? क्या आपको बेड टच किया किसी ने ? आप चिल्लाई नही ? परी ने चिंतातुर स्वर में पूछा पर सीमा निःशब्द हो कल रात को पति द्वारा नशे में दी गई प्रताड़ना को याद कर कांप गई ।

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माँ मैं हूँ न आपके साथ आप डरना नही सामना करना किसी को बेड टच नही करने देना ओके ।जोर से चिल्लाना मैं आ जाउंगी ।आप ही कहती हो न गलत बात सहना नही ।
ओके मेरी प्यारी बेटी अब हम दोनों ही कोई बेड टच सहन नही करेंगे ।एक सकारात्मक अहसास से सीमा भर गई ।

डॉ दीपा मनीष व्यास

मोबाइल 9826056758

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