Raksha Bandhan 2019 Poem : रेशमी धागे रंग बिरंगे

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अटूट सूत्र है रक्षा बंधन, पवित्र पर्व श्रावण पूनम

रेशमी धागे रंग बिरंगे, बंधे भाई कलाई देवे वचन

उमड़-घूमड़ के बादल बरसे टीप-टीप बरसे जल

मौसम मादक श्रावण संघ प्रकाष कुंज निर्मल मन

गरजे घोर बादल घर्र-घर्र, मेढ़क बोले टर्र-टर्र

वृक्ष टहनी चहके पक्षी झूंड, गूंजे भवरा कुसूम-कुसूम

अटूट सूत्र है रक्षा बंधन, पवित्र पर्व श्रावण पूनम

झूले झूला बिटिया बालक लहर-लहर लहरावे चुनर

रंग-बिरंगे साड़ी पहन भीगे लहंगा चोली व बदन

हरियाली तीज पे गाए गीत, गजल-भजन कीर्तन

मृदंग गरजे ढोलक संग, सरगम संग रस रंग

पुलकीत मन नव उच्छंखल वर्षा बर्से झमाझम

अटूट सूत्र है रक्षा बंधन, पवित्र पर्व श्रावण पूनम

लक्ष्मी राखी बली को बांधी द्रोपती साड़ी श्रीकृष्ण

तर्जनी उंगली टपकते खून, षिषुपाल वध सगुन

इंद्राणी राखी देवराज बांधी देव संग्राम रक्षा विराम

कुमावती राणी बहादुर शाह बांधी हूमायु कर्णावती मान

सभी षिष्यों को सतगुरू बांधे रक्षा रस्म बना विधान

अटूट सूत्र है रक्षा बंधन, पवित्र पर्व श्रावण पूनम

दगी का दूध दोगला पिये, गुलामी घीं खाए बेईमान

छठी छलावे की छाछ  पिये, बेईमानी बर्फी खाए दुष्मन

चरित्रहीन चाल टेड़ी चले, झूठीमूठी देवे मुस्कान

दुष्टकर्मी दुष्टी छोरी छेड़े रास्ते में दरिंदा दबंग

राखी रक्षक कलाई देवे दनादन, पुलिस प्रषासन गरीब संग

अटूट सूत्र है रक्षा बंधन, पवित्र पर्व श्रावण पूनम

 

                                                                   रचयिता

                                 रामसिंह राजपूत

                                                                   ग्राम बरखेड़ा कोतापाई, पोस्ट राजोद

                                                                          जिला देवास मप्र (455001)

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