गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत बनकर आई बारिश

0

भीषण गर्मी से त्रस्त लोगों के लिए मानसून मानो सुकून लेकर आया | जैसे ही पहली बारिश की बूंदें पड़ी तो मानो धरती नर्तन करने लगी| सभी दूर हरियाली छा गई और प्रकृति में एक उल्लास सा छा गया | बारिश से सभी के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई| प्रकृति के उत्सव पर आधारित एक कविता आपके लिए प्रस्तुत है |

Balkavi Bairagi की मनलुभावन कविताएं

वो पहली बारिश 

कल रात जब मैं गहन निद्रा में था

वो चुपके से दबे पांव आई |

मैंने उससे पूछा कौन हो तुम

तो मुझे अपना नाम पहली बारिश बता गई

 

जब बारिश की बूंदों ने धरती का आलिंगन किया तो

मेरा घर मिट्टी की सौंधी खुशबू से महक उठा

सुबह सोकर उठा तो देखा वातावरण में फ़ैली ठंडक

से झूम उठे वृक्ष, बारिश की बूंदें पड़ने से

गर्मी से कुम्हलाए पौधों में नई जान आ गई |

Kunwar Narayan की कविताएं : देखन में छोटी लगे…

बन के बहार हरियाली आ गई

खुशमिजाज़ मौसम देखकर

पंछी करने लगे कलरव

चारों ओर खुशियां छा गई

पवन में जैसे फ़ैल गई खुशबू

हवा में हल्की फुहार आ गई

जब घर की बालकनी में पहुंचा

तो दिखा खुशनुमा माहौल

शहर की भागदौड़ में पस्त हो चुका हूं मैं

मौसम को देखकर गांव की अमराई याद आ गई

 

गलियों में हो गई रौनक, बाजारों में बढ़ी चहल-पहल

गर्मी छंट गई, आसमान पर छा गई घटाएं और बादल

मौसम की पहली बारिश राहत की बौछारें ला गई

मुझे मौसम की पहली बारिश बहुत भा गई

-अंकुर उपाध्याय

लाज़वाब गज़लों के शायर ‘शहरयार’, आप भी पढ़ें

Share.