शपथ ग्रहण के बाद की मायूसी !

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शपथ ग्रहण में शामिल दुःखी लोगों में विपक्ष के अलावा कुछ अपने भी शामिल थे | विस्तार से बताने के पहले मालूम हो कि लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) में मिली अपार सफलता के बाद बीजेपी और NDA के सबसे बड़े नेता के रूप में देश-विदेश के आठ हजार मेहमानों की उपस्थिति में दूसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi Oath Taking Ceremony) और उनकी सरकार के 57 मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली |

मोदी सरकार में शामिल कुल 57 मंत्रियों (Indian Cabinet Minister List 2019) में 24 कैबिनेट मंत्री, 25 राज्य मंत्री और 9 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं| 20 चेहरे मोदी सरकार में पहली बार शामिल किये गए वही कुल 37 पुराने चेहरे इस बार मोदी सेना में शामिल नहीं है | जिनमे अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, मेनका गाँधी, सुरेश प्रभु, उमा भारती, जेपी नड्डा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, अनंत गीते, जयंत सिन्हा, अनंत कुमार हेगड़े, जैसे बड़े नाम शामिल है|

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अरुण जेटली और सुषमा स्वराज ने खुद को पहले ही दौड़ से बाहर कर सरकार को असमंजस में नहीं डाला, बाकि सभी खुद को बेकसूर को मिलने वाली सजा का पात्र मान रहे है! लेकिन पिछले पांच साल का रिपोर्ट कार्ड भी कोई चीज है | विवादों में रहने वालों, काम न करने वालों, रिपोर्ट कार्ड पर कम नम्बर वालों और जस्ट फॉर चेंज के चलते इन बड़े नामों पर लाल स्याही लगी| मसलन मेनका गाँधी आठ बार की सांसद है लेकिन संभवतः पत्ता कटा, काम और मुसलमानों को लेकर दिए गए बयान से |

राज्यवर्धन सिंह राठौड़ लगता है जस्ट फॉर चेंज के लपेटे में आये | ऐसे ही कई और भी कारण रहे होंगे जिनमे सियासी दांव -पेंच, ऊँची पहचान और महाराष्ट्र स्वाभिमान पार्टी के नेता नीलेश राणे के अनुसार खरीद फ़रोख़्त मुख्य है|नीलेश राणे ने ट्वीट करते हुए कहा है कि जो मातोश्री पर पैसे पहुंचाएगा वही मंत्री बनेगा|

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इन सब से ऊपर है काम | मंत्रिमंडल को देख कर लगता है कि इस बार काबिलियत और अनुभव दोनों को तरज़ीह दी गई है | बाकि चीजे भी है लेकिन कुछ पीछे | मसलन निर्मला सीतारमण, पियूष गोयल और नितिन गडकरी बीते कार्यकाल में खुद को साबित कर चुके है|

जनता कि उम्मीदों को समझने का दावा जीत के बाद पहले भाषण में मोदी कर चुके है और अब बारी है कथनी को करनी में तब्दील करने की जिसे NDA का हर नेता फ़िलहाल विपक्ष से ज्यादा समझता है और जो नहीं समझा उसे समझा दिया गया है और जो इसके बाद भी नहीं माना उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया गया| बहरहाल शपथ ग्रहण समारोह शानदार रहा हर किसी को तो मानती नहीं बनाया जा सकता | अब इन्तजार है आने वाले पांच साल में पिछले और अलगे वादों के निभाए जाने का ………

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