व्यंग्य : देशभक्ति का क्या? वो तो धोनी के ग्लव्स से भी उपज जाती है..

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देश में यूं ही मुद्दों की कमी नहीं है और मुद्दे पैदा करने का हुनर लगातार निखरता जा रहा है | लगता है सारा देश मुद्दे पैदा करने और बोमा-बोम करने में एक दिन पीएचडी कर लेगा| अभी मामला गर्माया हुआ है क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 (cricket world cup 2019) में महेंद्र सिंह धोनी ( MS Dhoni Gloves) के ग्लव्स पर बने बलिदान बैच (balidan batch) के निशान पर | धोनी ने सोचा सेना को सम्मान देने का सबसे अच्छा तरीका यही है और सोच भी सही है | ICC ने इस पर नियमों के तहत आपत्ति ली वह भी अपनी जगह सही है | अब यहाँ से किरदार में आये BCCI , सेना, खेल मंत्री और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी निभाती जनता | क्या माहौल बनाया? देशभक्ति जाग गई साहेब | संघर्ष और साथ देने के नारों की बहार ही आ गई|

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BCCI ने अपने रुतबे को भुनाने के लिए ICC पर दबाव बनाया तो सेना ने धोनी की मदद करने के चक्कर में बड़ा बेमेल सा बयान दे दिया कि यह बलिदान बेच है ही नहीं | अब इस पर ICC धोनी को घेर सकती थी| नए-नए खेल मंत्री बने किरण रिजिजू को भी ताव आया | उन्होंने देश की शान कि बात कही और BCCI को पुरे मामले कि रिपोर्ट देने का फरमान जारी किया | जहां सियासत न हो वहां भी सियासत ऐसे पैदा की जाती है | अब रिपोर्ट अभी तक पहुंची की नहीं भगवान जाने | क्योकि BCCI की फितरत में सरकार को रिपोर्ट करना जरा कम ही है | इतिहास गवाह है इसका | यह सब चल ही रहा था कि जनता में से जागरूक तमगे के लोग सोशल मीडिया पर आये | माही तुम संघर्ष करों हम तुम्हारे साथ है, देश की शान का सवाल है, और भी न जाने क्या-क्या बवाल है, जो मचाया गया |

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इन सब में एक बंदा खामोश रहा जिसे शायद सबसे पहले बोलना था | खुद धोनी | शायद जानते थे इजाज़त न लेकर गलती हुई है और उसे अपने कूल अंदाज में ही उन्होंने निःशब्द तरीके से स्वीकार कर मामले को ठंडा करने में मौन किरदार निभाया | धोनी बवाल नहीं चाहते तभी तो BCCI के सपोर्ट के बाद भी बयानबाजी में नहीं कूदे| एक बड़ा और महान खिलाडी देश और खेल की गरिमा को बखूबी जानता है| धोनी ICC के सम्मान को भी ठेस नहीं पहुँचाना चाहते थे | वैसे भी धोनी का कद एक आम क्रिकेटर से कही ज्यादा ऊँचा है और इसका कारण सिर्फ उनका बेजोड़ खेल नहीं वरन आला दर्जे का व्यक्तित्व भी है|जज़्बात अपनी जगह, नियम और कानून अपनी जगह……………….दूसरी और यदि बात की जाये देशभक्ति और सेना के सम्मान की तो उसे जाहिर करने के लिए धोनी के ग्लव्स का मोहताज होना कौन से गर्व की बात है? बहरहाल चलो दूसरा मुद्दा ढूंढते है ……..

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