सच में ! शौर्य और साहस का क़ाम है विवादित बयानवीर बनना 

0

भारत जैसे देश में अगर जमानत का सॉलिड जुगाड़ हो तो कुछ भी कर ने का साहस खुद-ब-खुद आ जाता है | यह तासीर आम नागरिकों की है तो नेता तो बेहद खास नागरिक होते है| धरोहर ही होते है एक तरह से | उन्हें कुछ भी करने, कहने का हक़ है| कानून और प्रशासन उनका क्या बिगड़ लेगा यह एक अमर सत्य है न की हमारे नेताओं की खुशफहमी|  करें भी तो क्या | 70 साल से ज्यादा के सियासी दौर में मंचो से सब कुछ बोला जा चूका है | अब कुछ बाकि ही नहीं रहा | जनता भी भाषणों में नया टेस्ट चाहती है| एक वक्ता के तौर पर भीड़ को बांधे रखना कला भी है और जिम्मेदारी  भी| इसे नेता बखूबी निभा रहे है| बयानों में कुछ भी कह दिए जाने से एक नयापन बना रहता है| भाषण बोर नहीं करते| कुछ ने इसमें महारथ हासिल कर ली है|   विवादित बयान देने वालों की फेहरिस्त में उनका नाम सुनहरें शब्दों में दर्ज हैं|

व्यंग्य : सियासत में, जूता अब नए किरदार में

Image result for azam khan

कब तक, आखिर कब तक गरीबी, भ्रष्टाचार, देशहित, नारी सम्मान, किसान जैसे घिसे पिटे मुद्दों पर भाषण देते रहे | अरे भाई वायरल भी तो कोई चीज है आजकल ज़माने में | और ज़माने के साथ चलने में बुराई क्या है| ताज्जुब नहीं होगा की आने वाले दिनों में इन बयानवीरों के लिए कोई प्रतियोगिता या कोई सरकारी सम्मान की घोषणा कर दी जाये | होना भी चाहिए, यह लोग विरले है | भाई मंच से खुले आम अपनी ओछी  बुद्धि और संकीर्ण मानसिकता का परिचय देते हुए बुराइयां लूटना कोई कम शौर्य और साहस का क़ाम नहीं है | परमवीर, बयानवीर ही ऐसा कर सकते है| बयानवीर होना आसान नहीं है | उसके लिए आपको बेबाक, मुखर, मुंहफट और निर्लज्ज होना होता है| इन काबिलियत के साथ आपके पास नीच, टंच मॉल, अली, बली, अंडरवियर जैसे शब्दों का कोष होना भी जरुरी है| सबसे जरुरी है मौके पर इनका उपयोग करने की कला का होना |

बहुत कठिन है, डगर-ऐ-वन्देमातरम

एक छूट है इस बयानबाजी की दुनिया में | दिमाग से इसका कोई ताल्लुक नहीं है| जो दिल में या यूं कहे की जो जुबान पर आ जाये बस बोल दीजिये | अब कुछ लोग पड़े रहते है सियासी भाषाशैली के गिरते स्तर के पीछे |ऑउटडेटेड कहीं के | टैंड नहीं जानते | जो दिखेगा वो बिकेगा | ऊपर से अपनी जिम्मेदारी को निभाने का अभिनय कर निष्ठुर चुनाव आयोग यदा कदा इन नेताओं पर जुल्म कर ही देता है | उसका एक्शन जानकारों को स्क्रिप्टेड लगता है| गलत है भाई | अभिव्यक्ति की आजादी भी कोई चीज है और हां नियम सिर्फ आम नागरिकों के लिए होते है…………..

नाम में ही सब रखा है

रहें हर खबर से अपडेट, ‘टैलेंटेड इंडिया’ के साथ| आपको यहां मिलेंगी सभी विषयों की खबरें, सबसे पहले| अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए आज ही डाउनलोड करें Download Hindi News App और रहें अपडेट| ‘टैलेंटेड इंडिया’ की ख़बरों को फेसबुक पर पाने के लिए पेज लाइक करें – Talented India News

Share.