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इसलिए महिलाओं को नहीं मिल पाती पूर्ण संतुष्टि

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हमारे देश में सेक्स पर बात करना वर्जित माना जाता है और यहां लोग खुलकर सेक्स जैसे विषय पर बात नहीं कर पाते। हालांकि आज के दौर में यौन शिक्षा को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है फिर भी लोग अभी इस विषय पर बात करने से कतराते हैं। अगर महिलाओं की बात की जाए तो वे इस बारे में कोई भी बात नहीं करना चाहती। (Women Sex Satisfaction) महिलाएं संभोग के दौरान भी अपने पार्टनर से खुलकर सेक्स के बारे में बात नहीं करती। महिलाएं कभी भी पूरी तरह से खुद को एक्सपोज नहीं करती और इसी वजह से उन्हें चरम सुख की प्राप्ति नहीं होती। कई महिलाएं इसी वजह से असंतुष्ट रह जाती हैं। इसी वजह से कई बार महिलाएं सेक्स से दूर भागने लगती हैं और उन्हें संभोग में दिलचस्पी कम हो जाती है।

वैसे तो हमारे समाज में सेक्स को लेकर खुलकर बात नहीं की जाती। हालांकि आज के दौर में यौन शिक्षा को काफी बढ़ावा दिया जा रहा है फिर भी लोग अभी इस विषय पर बात करने से कतराते हैं।(Women Sex Satisfaction)  अगर महिलाओं की बात की जाए तो वे इस बारे में कोई भी बात नहीं करना चाहती। महिलाएं संभोग के दौरान भी अपने पार्टनर से खुलकर सेक्स के बारे में बात नहीं करती। महिलाएं कभी भी पूरी तरह से खुद को एक्सपोज नहीं करती और इसी वजह से उन्हें चरम सुख की प्राप्ति नहीं होती। कई महिलाएं इसी वजह से असंतुष्ट रह जाती हैं। इसी वजह से कई बार महिलाएं सेक्स से दूर भागने लगती हैं और उन्हें संभोग में दिलचस्पी कम हो जाती है।

अधिकतर मामलों में महिलाएं संभोग का पूरा आनंद नहीं उठा पाती और इसी वजह से उनकी सेक्स लाइफ में दरार पड़ने लगती हैं। दोनों पार्टनर्स एक दूसरे से खश नहीं हो पाते। जैसा कि संभोग के लिए महिला और पुरुष दोनों की सामान भागीदारी होती है उसी तरह महिलाओं का भी ऑर्गेज्म पर हक़ होता है।

जब तक वे ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंचती तब उन्हें भी संतुष्टि प्राप्त नहीं होती। (Women Sex Satisfaction) पुरुषों को चरम सुख तक पहुंचने में ज्यादा वक़्त नहीं लगता और वे अपने अनुसार इसका पूरा आनंद भी उठाते हैं। लेकिन महिलाएं खुलकर आगे नहीं आती और इससे वंचित रह जाती हैं जिसके कारण उन्हें संभोग का आनंद प्राप्त नहीं हो पाता।

इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं। जैसे संभोग के दौरान अधिकतर महिलाएं अपने पार्टनर को खुश करना चाहती हैं। इसी मानसिकता की वजह से वे पुरुषों की बराबरी नहीं कर पाती और जैसा उनका साथी चाहता है वैसा करती हैं। उन्हें जिस तरह से संभोग पसंद है वह उजागर नहीं करती और इसी वजह से वे चरम सुख तक नहीं पहुंच पाती।

कई बार शादीशुदा जोड़ों के रिश्ते बेहद भावनात्मक दौर से गुजर रहे होते हैं। ऐसे में महिलाओं के मन में संभोग के दौरान भी इमोशन चल रहे होते हैं और वे इस पल का मज़ा नहीं ले पातीं। ऐसी स्थिति में महिलाएं सिर्फ अपने पार्टनर की इच्छा को पूरा करना चाहती हैं और केवल उन्हें खुश कारण चाहती हैं। इसी वजह से वे आर्गेज्म तक नहीं पहुंचती।

अधिकतर महिलाओं को यह नहीं पता होता कि उन्हें आर्गेज्म तक पहुंचाने के लिए उनके शरीर का कौन सा अंग ज्यादा कामोत्तेजक है। इस वजह से वे अपने पार्टनर को यह नहीं बता पाती और आर्गेज्म से वंचित रह जाती हैं।

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