सोकर उठते ही पुरुष चाहते हैं सेक्स

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वैसे तो सेक्स को लेकर अब तक कई तरह के शोध किए जा चुके हैं और कई शोध अभी भी किए जा रहे हैं। दरअसल सेक्स एक ऐसा विषय है जिस पर जितने भी शोध किए जाएं वे कम हैं। सेक्स की टाइमिंग को लेकर भी कई तरह के शोध किए गए हैं जिनमे कई तरह की बातें निकलकर सामने आई हैं। कई शोध में कहा गया है कि रात के वक़्त सेक्स करना ज्यादा बेहतर होता है तो कोई शोध मॉर्निंग सेक्स को सही बताता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेक्स करने का कोई समय नहीं होता। जब भी दोनों पार्टनर की आपसी सहमति हो और दोनों की उत्तेजना चरम पर हो तभी सेक्स का आनंद प्राप्त किया जा सकता है। किसी एक की इच्छा या उत्तेजना पर सेक्स करना असंभव है।

हालांकि अब तक के शोधों में खुलासा हुआ है कि महिलाओं और पुरुषों की सेक्स इच्छा और उत्तेजना में काफी भिन्नता है। जहां महिलाओं की उत्तेजना रात को ज्यादा बढ़ती है और उन्हें रात के वक़्त सेक्स पसंद होता है। तो वहीं पुरुषों में सुबह के समय उत्तेजना चरम पर होती है और वे सुबह-सुबह सेक्स का आनंद उठाना चाहते हैं। अब ऐसे में यदि इसकी वजह पूछी जाए कि पुरुषों की सेक्स उत्तेजना सुबह के समय ज्यादा क्यों होती है? तो इसका एक और सीधा सा जवाब मिलेगा “हार्मोन्स।” जी हां हार्मोंस ही हैं जो किसी भी व्यक्ति की सेक्स उत्तेजना को बढ़ाते हैं और उनकी इच्छा सेक्स करने की होने लगती है। इसके लिए किसी भी व्यक्ति की सेक्स क्लॉक को समझना पड़ेगा।

एक शोध में यह पता चला है कि जब भी पुरुष सुबह सोकर उठते हैं तो उनमें टेस्टोस्टेरॉन नामक हार्मोन का लेवल अपने पीक पर होता है। जबकि दिन के समय यह लेवल 25-50 फीसदी तक ज्यादा हो जाता है। इसके पीछे वजह है कि पिट्यूटरी ग्लैंड, जो कि मेल सेक्स हॉर्मोन को रेग्युलेट करती है वह रात के वक्त सक्रिय हो जाती है।

इसी वजह से सुबह के वक़्त पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन का लेवल अत्यधिक बढ़ जाता है। यही वह हार्मोन है जो सेक्स की उत्तेजना को बढ़ाता है। ऐसे नहीं है कि यह हार्मोन्स सिर्फ पुरुषों में होता है। यह महिलाओं में भी पाया जाता है। लेकिन महिलाओं में इस हार्मोन की मात्रा बेहद कम होती है। महिलाओं में इस हार्मोन का लेवल रात के समय हल्का सा बढ़ता है इसलिए महिलाएं रात के वक़्त ज्यादा उत्तेजित होती हैं।

अगर पुरुष रात में बेहतर नींद लेते हैं तो सुबह वे इरेक्शन के साथ उठते हैं और उनकी सेक्स उत्तेजना बेहद चरम पर होती है। इस बात का खुलासा शोध में हुआ है कि गहरी नींद में सोने वाले पुरुषों का टेस्टोस्टेरॉन लेवल ज्यादा बढ़ता है। अगर कोई पुरुष 5 घंटे से ज्यादा की नींद लेता है तो उसका टेस्टोस्टेरॉन लेवल 15 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। सोकर उठने के बाद जहां पुरुषों का टेस्टोस्टेरॉन लेवल पीक पर होता है वहीँ महिलाओं में इस वक़्त ये लेवल बेहद कम होता है। महिला और पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन लेवल विपरीत समय में ही पीक पर होते हैं। इसी वजह से दोनों पार्टनर का तालमेल अक्सर बिगड़ जाता है।

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