आखिर रूप चौदश पर महिलाएं क्यों करती है श्रृंगार

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दीपावली पर्व के ठीक एक दिन पहले  नरक चतुर्दशी को छोटी दीवाली, रूप चौदस और काली चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। महिलाओं के श्रृंगार को लेकर बात करें तो महिलाओं में सजने सवरने का शौक सबसे ज्यादा देखा जाता है। खासकर के दीवाली के एक दिन पहले आने वाली रुप चौदस के दिन महिलाएं खास तौर पर सजती संवरती है। पर आपको इस त्यौहार से जुड़ें रुप चौदस (Naraka Roop Chaturdashi) के इस खास मह्त्व के बारे में पता है कि इस दिन महिलाएं इतनी सजती सवरती क्यों है।

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पौराणिक मान्यता के अनुसार दिवाली (Diwali 2019) महोत्सव के एक दिन पहले रुप चौदस (Naraka Roop Chaturdashi) का त्यौहार मनाया जाता है। जिसे नरक चौदस यानि रुप चौदस के रुप में मनाते है। इस त्यौहार को लेकर ऐसी मान्यता है इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का संहार किया था। जिसके चलते इस पर्व पर लोग श्रृंगार भी करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस नरकासुर का वध कर 16 हजार कन्याओं को उसके चंगुल से मुक्त कराया था।

इसलिए इस पर्व को नरक चौदस के नाम से भी जाना जाता है। 16 हजार कन्याओं को भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षस से मुक्त तो करा दिया लेकिन कन्याओं ने कहा कि भगवान हमें आपने राक्षस के नरक से तो मुक्त करा दिया, लेकिन समाज में मान-सम्मान के साथ हमें कोई नहीं अपनाएगा। इस पर भगवान श्रीकृष्ण ने सभी 16 हजार कन्याओं से विवाह किया। इसके लिए उल्लास और श्रृंगार का उत्सव आयोजित किया गया। इसी के चलते इस दिन श्रृंगार को विशेष महत्व दिया जाता है। जिसे हम रुप चौदस के रुप में मनाते है।

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आइये जानते है वो सोलह श्रृंगार क्या है जो महिलाओं के द्वारा किये जाते है।

1 सिंदूर: माथे पर सिंदूर पति की लंबी उम्र की निशानी माना जाता है।

2 मंगलसूत्र: ये भी सुहागन होने का सूचक है।

3 मांग टीका: मांग टीका वैसे तो आभूषण है लेकिन इसे भी सोलह में शामिल किया गया है।

4 बिंदिया: माथे पर लगी बिंदिया भी सुहागन के सोलह श्रृंगार में शामिल है।

5 काजल: काजल काली नजरों से बचाने के लिए लगाया जाता है।

6 नथनी: नाक में पहनी जाने वाली नथनी भी सोलह श्रृंगार में शामिल है।

7 कर्णफूल : ईयर रिंग भी सोलह श्रृंगार में गिने जाते हैं।

8 मेंहदी : करवा चौथ पर हाथों में मेहंदी जरूर लगानी चाहिए।

9 कंगन या चूड़ी: हाथों में लाल और हरी चूड़ियां भी सोलह श्रृंगार में शामिल हैं।

10 लाल रंग के वस्त्र भी 16वां सबसे महत्वपूर्ण श्रृंगार में गिने जाते हैं।

11 बिछिया : दोनों पांवों की बीच की तीन उंगलियो में सुहागन स्त्रियां बिछिया पहनती हैं।

12 पायल : घर की लक्ष्मी के लिए पायल को बेहद शुभ माना जाता है.

13 कमरबंद या तगड़ी : सुहागन के सोलह श्रृंगार में शामिल है।

14 अंगूठी : अंगूठी को भी सुहाग के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

15 बाजूबंद : बाजूबंद वैसे तो आभूषण है लेकिन इसे भी सोलह में शामिल किया गया है।

16 गजरा : फूलों का महकता गजरा भी सोलह श्रृंगार में शामिल है।

 

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-Mradul tripathi

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