बच्चों को बनाएं मानसिक रूप से मजबूत

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नए दौर की बदलती जीवन शैली में हर अभिभावक के लिए अपने बच्चों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना महत्वपूर्ण है| जीवन की हर समस्या से लड़ने के लिए छोटी उम्र से ही बच्चों को तैयार करना आवश्यक है ताकि जब बच्चे बड़े हों तो वे अपनी समस्याओं का हल खुद निकालने में सक्षम हों और छोटी-बड़ी मुश्किलों से निराश न हों| अभिभावक के तौर पर बचपन से ही आपको अपने बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत बनाने की ओर ध्यान देना चाहिए|

अभिभावक के रूप में इन बातों को ध्यान में रख कर आप अपने बच्चे को एक ऐसा इन्सान बना सकते हैं, जो किसी भी मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार हो|

अपने बच्चे से उम्मीद जरूर रखें, पर हद से ज्यादा उम्मीद न रखें| उम्मीद किसी को भी बोझ का एहसास दिलाती है| आप बच्चे को अपनी उम्मीद के बोझ तले दबाकर न रखें| इससे वे किसी भी कार्य में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं|

अनुशासन जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन एक जिम्मेदार माता-पिता होने के नाते अनुशासन और सज़ा में फर्क समझें| सज़ा से बच्चे डरने लगते हैं और बच्चा अगर घर में डरेगा तो बाहर तो डरेगा ही| इस बात का विशेष ध्यान रखें|

हर मनुष्य हर कार्य में सर्वोत्तम नहीं हो सकता है तो ऐसी कोई आशा अपने बच्चे से भी न रखें| उसकी तुलना किसी अन्य बच्चे से न करें बल्कि उसकी खुद की खूबियों को तराशने की कोशिश करें|

इस बात का ध्यान रखें कि आप अपने किसी अधूरे सपने को अपने बच्चे पर न थोपें| उन्हें खुद के सपने देखने दें और उन्हें पूरे करने में उनकी मदद करें|

अपने बच्चे को घर की छोटी-छोटी जिम्मेदारियां सौंपे तथा यह न सोचें कि वह अभी बच्चा है तो नहीं कर पाएगा| इससे उसे कम उम्र में ही अपनी जिम्मेदारियों का अहसास होगा, जो आगे जीवन में उसके काम आएगा|

अभिभावक कई बार अपने बच्चों को इतना कम आंकते हैं कि बच्चा भी इसी सोच के साथ खुद को कम आंकने लगता है| कभी ऐसी गलती ना करें, अभिभावक बच्चों का आईना होते हैं और आप आईने में उन्हें जो दिखाते हैं, वे वही सीखते हैं|

गलती करने से न रोकें| हर गलती कुछ अच्छा जरूर सिखाती है| बच्चे के मन में यह विचार डालें कि उन्हें अपनी हर गलती से कुछ सीखना है|

अभिभावक के तौर पर यह कोशिश करनी चाहिए कि बच्चों को किसी भी बात से डराएं नहीं| किसी भी बात को लेकर उनके मन में डर पैदा न करें क्योंकि कई बार यह डर जीवनभर उनका पीछा नहीं छोड़ता है |

अपने बच्चे को एक अच्छा वातावरण दें, जहां वह आराम से अपनी मन की बात कह सके| कोशिश करें कि घर में सबके बीच खुशनुमा माहौल हो|

मानसिक और भावनात्मक तौर पर बच्चे का साथ दें| जब बच्चा बहुत छोटा होता है और चलते हुए गिर जाता है तो सबसे पहले अपनी मां की ओर देखता है, क्योंकि उसे भरोसा होता है कि मां सब ठीक कर देगी| अपने बच्चे का साथ दें और उसे यह विश्वास दिलाएं कि हर अच्छे-बुरे दिन आप उसका साथ देंगे|

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