फ्रेंच फ्राइज़ का फ्रेंच से नहीं कोई कनेक्शन

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आमतौर पर सभी लोगों को फ्रेंच फ्राइज़ खाना पसंद होता है| किसी भी समय और किसी भी मौसम में फ्रेंच फ्राइज़ के लिए मन ललचा ही जाता है| यह सिर्फ बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़े-बूढों को भी पसंद होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि फ्रेंच फ्राइज़ का नाम ‘फ्रेंच फ्राइज़’ कैसे पड़ा|

लोग सोचते हैं कि इसे सबसे पहले फ्रांस में बनाया गया था इसलिए इसका नाम ‘फ्रेंच फ्राइज़’ पड़ा| यदि आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो हम आपको बता दें कि ऐसा बिलकुल भी नहीं है| दरअसल, फ्रेंच फ्राइज़ की खोज बेल्जियम में 1600 ईस्वी में हुई थी|

पहले बेल्जियम में रहने वाले लोग नदियों के जम जाने के बाद आलू को फ्राई करके खाते थे| पहले विश्वयुद्ध के बाद जब वहां के सैनिकों ने आलू फ्राइज़ खाए तो उन्हें ये बहुत अच्छे लगे| इसके बाद इन्हें फ्रेंच नाम दिया गया क्योंकि बेल्जियन आर्मी की ऑफिशियल भाषा फ्रेंच है|

पहले फ्रेंच फ्राइज़ का आकार अलग था और अब अलग है| पहले ये मोटे हुआ करते थे, वहीं अब ये बहुत पतले हो गए हैं| कई वर्ष पहले इसे सिर्फ टोमेटो केचप, मेयोनीज़ और मस्टर्ड सॉस के साथ खाया जाता था, लेकिन अब इनके साथ कई तरह के एक्सपेरिमेंट हुए हैं| बाजार में इसके साथ तरह-तरह की डिश मिलती और खाई जाती है|

अमरीकी लोग फ्रेंच फ्राइज़ के इतने बड़े दीवाने हैं कि ये लोग ‘नेशनल फ्रेंच फ्राइज़ डे’ भी मनाते हैं| उस दिन वहां कई आउटलेट्स पर फ्री फ्रेंच फ्राइज़ दिए जाते हैं, वहीं कई जगह फ्रेंच फ्राइज़ खाने का कॉम्पीटिशन भी होता है| अमरीका में 13 जुलाई को ‘नेशनल फ्रेंच फ्राइज़ डे’ मनाया जाता है|

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