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छठ के प्रसाद में ध्यान रखें ये बातें वरना…

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देश भर में अभी दिवाली की धूम देखने को मिली थी। दिवाली हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्यौहार होता है। दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा यानी अन्नकूट मनाया जाता है। इसके बाद भाई दूज। मतलब ये कहें कि दिवाली के बाद से त्योहारों की शुरुआत हो जाती है और देश भर में बड़े-बड़े त्यौहार मनए जाते हैं। अब कल यानी 31 अक्टूबर से पूरे देश में छठ का पर्व शुरू हो चुका है। कल यानी गुरुवार 31 अक्टूबर को नहाय-खाय के साथ पूरे देश में छठ की शुरुआत हुई। आज यानी 1 नवंबर को खरना मनाया जाएगा। छठ का यह पर्व 3 नवंबर तक मनाया जाएगा। वैस तो यह पर्व पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन विशेष रूप से इसे बिहार और उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है।

छठ का यह पर्व बेहद अधिक महत्व रखता है और यह पूरे 4 दिनों तक मनाया जाता है। कहा जाता है कि छठ का व्रत बेहद ही कठिन होता है और इसमें कोई भी गलती माफ़ नहीं होती। वहीं छठ का व्रत रखने वाली महिलाओं को काफी सावधानी बरतनी पड़ती है और कई बातों का विशेष ख्याल रखना होता है। अगर आप भी छठ का व्रत रख रही हैं और इसकी पूजा के लिए प्रसाद बनाने की तयारी कर रही हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। चलिए जानते हैं कि छठ का प्रसाद बनाते समय किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

प्रसाद बनाते वक़्त रखें ध्यान

दरअसल छठ की पूजा छठी मैया के लिए जाती है और उन्ही के लिए प्रसाद बनाया जाता है। अगर आप पहली बार व्रत रख रही हैं और पहली बार प्रसाद बना रही हैं तो आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि इस दौरान घर में प्याज और लहसुन पूर्णतः वर्जित होती है। इनका घर में होना बेहद अशुभ होता है।

वहीं छठी मैया के लिए प्रसाद तैयार करने के लिए आपको शुद्ध देसी घी का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं आप जो भी भोजन बनाएं वह पूरी तरह से शाकाहारी और सात्विक होना चाहिए। प्रसाद बनाने से पहले आपको स्नान कर साफ़ वस्त्र धारण करना चाहिए।

छठ के दिनों में व्यसनों से यानी मदिरा, सिगरेट आदि से दूर रहना चाहिए। प्रसाद में नमक या फिर उससे बनी हुई किसी भी चीज़ का इस्तेमाल पूरी तरह से वर्जित होता है इसलिए इनका इस्तेमाल न करें। प्रसाद में सिर्फ सेंधा नमक ही इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रसाद बनाने के दौरान बाथरूम न जाएं।

Prabhat Jain

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