क्या आपका बच्चा पढ़ाई में तेज है? ऐसे पता लगाएं

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आजकल बच्चों की पढ़ाई के प्रति माता-पिता ज्यादा सजग हो गए हैं| बच्चों पर पढ़ाई का बोझ पैरेंट्स की आशाओं के साथ बढ़ता ही जा रहा है| पढ़ाई में और अन्य कार्यों में हर बच्चे का दिमाग अलग चलता है| अब इस बात का पता लगाया जा सकता है कि स्कूल में कौन सा बच्चा तेज़ होगा और कौन औसत से कम होगा, यह बात बच्चों के जीन पर निर्भर करती है| यह बात बहुत कम ही लोगों को पता है कि हमारे जीन्स की बनावट और माहौल का असर बच्चे के आगे के बर्ताव और पढ़ाई में वह कैसा रहेगा, इस बात पर पड़ता है|

दरअसल, ब्रिटेन में छह हजार जोड़ी जुड़वां बच्चों पर रिसर्च की गई| सभी बच्चों पर ध्यान दिया गया और देखा गया कि बच्चे प्राइमरी स्कूल में कैसा प्रदर्शन करते हैं| शोध में पाया गया कि जो बच्चे प्राइमरी स्कूल में अच्छा करते हैं, वे आगे की पढ़ाई में भी बेहतर होते हैं| यह शोध इसलिए जुड़वा बच्चों पर किया गया क्योंकि एक जैसे दिखने वाले जुड़वा बच्चों के 100 फीसद जीन्स एक जैसे होते हैं|

जो जुड़वा बच्चे एक जैसे नहीं दिखते हैं, उनमें 50 फीसद जीन्स एक जैसे होते हैं| बच्चों के पढ़ाई के स्तर में 70 फीसद योगदान उनके डीएनए सीक्वेंस पर निर्भर करता है, तो 25 फीसद उनके माहौल पर| बाकी का पांच फीसद फर्क अलग-अलग दोस्तों और टीचर के होने से होता है| बच्चों की अच्छी या बुरी ग्रेड के लिए उनकी अक़्लमंदी के स्तर को जिम्मेदार ठहराया जाता है, लेकिन सच यह है कि बच्चे स्कूल में जो ग्रेड लाते हैं, उसकी सबसे बड़ी वजह उनके जीन्स यानी डीएनए सीक्वेंस होते हैं|

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